25 फ़रवरी 2021 को नई दिल्ली का पंचांग

गुरुवार, 25 फ़रवरी 2021, नई दिल्ली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 25 फ़रवरी 2021 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल त्रयोदशी (17:19 तक), नक्षत्र पुष्य (13:17 तक) और योग शोभन है। सूर्योदय 06:50 पर और सूर्यास्त 18:18 पर है। राहुकाल 14:00 से 15:26 तक है।

दिन और रात
दिन 06:50 – 18:18
रात 06:49 तक
तिथि
त्रयोदशी, 17:19 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
पुष्य, 13:17 तक
आश्लेषा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

25 फ़रवरी 2021 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल त्रयोदशी 17:19 तक
शुक्ल चतुर्दशी 15:50, 26 फ़र॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 13:17 तक
आश्लेषा 12:35, 26 फ़र॰ तक
योग
शोभन 01:07, 26 फ़र॰ तक
अतिगंडअशुभ 22:34, 26 फ़र॰ तक
करण
तैतिल 17:19 तक
गर 04:39, 26 फ़र॰ तक
वणिज 15:50, 26 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:50
सूर्यास्त
18:18
चंद्रोदय
16:16
चंद्रास्त
05:31
दिनमान
11h 28m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2077
शक संवत
1942, शार्वरी संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:10 – 06:00
अभिजीत मुहूर्त
12:11 – 12:57

अशुभ समय

राहुकाल
14:00 – 15:26
यमगंड
06:50 – 08:16
गुलिक काल
09:42 – 11:08

25 फ़रवरी 2021 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:50 – 08:16शुभ
रोग08:16 – 09:42टालें
उद्वेग09:42 – 11:08टालें
चर11:08 – 12:34सामान्य
लाभ12:34 – 14:00शुभ
अमृत14:00 – 15:26शुभ
काल15:26 – 16:52टालें
शुभ16:52 – 18:18शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:18 – 19:52शुभ
चर19:52 – 21:26सामान्य
रोग21:26 – 23:00टालें
काल23:00 – 00:33टालें
लाभ00:33 – 02:07शुभ
उद्वेग02:07 – 03:41टालें
शुभ03:41 – 05:15शुभ
अमृत05:15 – 06:49शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:5007:47दिन
मंगल07:4708:45दिन
सूर्य08:4509:42दिन
शुक्र09:4210:39दिन
बुध10:3911:37दिन
चंद्र11:3712:34दिन
शनि12:3413:31दिन
गुरु13:3114:29दिन
मंगल14:2915:26दिन
सूर्य15:2616:23दिन
शुक्र16:2317:21दिन
बुध17:2118:18दिन
चंद्र18:1819:21रात
शनि19:2120:23रात
गुरु20:2321:26रात
मंगल21:2622:28रात
सूर्य22:2823:31रात
शुक्र23:3100:33रात
बुध00:3301:36रात
चंद्र01:3602:39रात
शनि02:3903:41रात
गुरु03:4104:44रात
मंगल04:4405:46रात
सूर्य05:4606:49रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
25 फ़र॰ 2021प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
27 फ़र॰ 2021माघ पूर्णिमापूर्णिमा
2 मार्च 2021संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
6 मार्च 2021कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
9 मार्च 2021कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
11 मार्च 2021प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
13 मार्च 2021फाल्गुन अमावस्याअमावस्या
14 मार्च 2021मीन संक्रांतिसूर्य का मीन में प्रवेश
17 मार्च 2021विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
25 मार्च 2021शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
26 मार्च 2021प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी

तिथियां नई दिल्ली में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.1525° (लाहिड़ी)। समय नई दिल्ली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।