4 फ़रवरी 2024 को नई दिल्ली का पंचांग

रविवार, 4 फ़रवरी 2024, नई दिल्ली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 4 फ़रवरी 2024 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण नवमी (17:50 तक), नक्षत्र विशाखा (07:20 तक) और योग वृद्धि है। सूर्योदय 07:07 पर और सूर्यास्त 18:02 पर है। राहुकाल 16:40 से 18:02 तक है।

दिन और रात
दिन 07:07 – 18:02
रात 07:07 तक
तिथि
नवमी, 17:50 तक
दशमी
नक्षत्र
अनुराधा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

4 फ़रवरी 2024 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण नवमी 17:50 तक
कृष्ण दशमी 17:25, 5 फ़र॰ तक
नक्षत्र
विशाखा 07:20 तक
अनुराधा 07:53, 5 फ़र॰ तक
योग
वृद्धि 12:12 तक
ध्रुव 10:51, 5 फ़र॰ तक
करण
गर 17:50 तक
वणिज 05:44, 5 फ़र॰ तक
विष्टि (भद्रा) 17:25, 5 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:07
सूर्यास्त
18:02
चंद्रोदय
01:43
चंद्रास्त
12:18
दिनमान
10h 54m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2080
शक संवत
1945, शोभकृत संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:23 – 06:15
अभिजीत मुहूर्त
12:13 – 12:56

अशुभ समय

राहुकाल
16:40 – 18:02
यमगंड
12:35 – 13:56
गुलिक काल
15:18 – 16:40

4 फ़रवरी 2024 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग07:07 – 08:29टालें
चर08:29 – 09:51सामान्य
लाभ09:51 – 11:13शुभ
अमृत11:13 – 12:35शुभ
काल12:35 – 13:56टालें
शुभ13:56 – 15:18शुभ
रोग15:18 – 16:40टालें
उद्वेग16:40 – 18:02टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:02 – 19:40शुभ
अमृत19:40 – 21:18शुभ
चर21:18 – 22:56सामान्य
रोग22:56 – 00:34टालें
काल00:34 – 02:12टालें
लाभ02:12 – 03:51शुभ
उद्वेग03:51 – 05:29टालें
शुभ05:29 – 07:07शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य07:0708:02दिन
शुक्र08:0208:57दिन
बुध08:5709:51दिन
चंद्र09:5110:46दिन
शनि10:4611:40दिन
गुरु11:4012:35दिन
मंगल12:3513:29दिन
सूर्य13:2914:24दिन
शुक्र14:2415:18दिन
बुध15:1816:13दिन
चंद्र16:1317:07दिन
शनि17:0718:02दिन
गुरु18:0219:07रात
मंगल19:0720:13रात
सूर्य20:1321:18रात
शुक्र21:1822:23रात
बुध22:2323:29रात
चंद्र23:2900:34रात
शनि00:3401:40रात
गुरु01:4002:45रात
मंगल02:4503:51रात
सूर्य03:5104:56रात
शुक्र04:5606:01रात
बुध06:0107:07रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
6 फ़र॰ 2024कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
8 फ़र॰ 2024प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
9 फ़र॰ 2024माघ अमावस्याअमावस्या
13 फ़र॰ 2024विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
13 फ़र॰ 2024कुंभ संक्रांतिसूर्य का कुंभ में प्रवेश
20 फ़र॰ 2024शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
22 फ़र॰ 2024प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
24 फ़र॰ 2024माघ पूर्णिमापूर्णिमा
28 फ़र॰ 2024संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
4 मार्च 2024कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी

तिथियां नई दिल्ली में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.1936° (लाहिड़ी)। समय नई दिल्ली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।