11 जनवरी 2025 को एडिसन, न्यू जर्सी का पंचांग

शनिवार, 11 जनवरी 2025, एडिसन, न्यू जर्सी, संयुक्त राज्य। समय America/New_York में है।

शनिवार, 11 जनवरी 2025 को एडिसन, न्यू जर्सी में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल त्रयोदशी (20:04 तक), नक्षत्र मृगशिरा (00:54, 12 जन॰ तक) और योग ब्रह्म है। सूर्योदय 07:20 पर और सूर्यास्त 16:51 पर है। राहुकाल 09:43 से 10:54 तक है।

दिन और रात
दिन 07:20 – 16:51
रात 07:19 तक
तिथि
त्रयोदशी, 20:04 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
मृगशिरा, 00:54 तक
आर्द्रा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

11 जनवरी 2025 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल त्रयोदशी 20:04 तक
शुक्ल चतुर्दशी 18:33, 12 जन॰ तक
नक्षत्र
मृगशिरा 00:54, 12 जन॰ तक
आर्द्रा 00:08, 13 जन॰ तक
योग
ब्रह्म 22:39 तक
इंद्र 20:14, 12 जन॰ तक
करण
कौलव 08:56 तक
तैतिल 20:04 तक
गर 07:16, 12 जन॰ तक
वणिज 18:33, 12 जन॰ तक
चंद्र राशि
वृषभ 13:25 तक
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:20
सूर्यास्त
16:51
चंद्रोदय
14:18
चंद्रास्त
05:32
दिनमान
9h 31m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:24 – 06:22
अभिजीत मुहूर्त
11:46 – 12:24

अशुभ समय

राहुकाल
09:43 – 10:54
यमगंड
13:17 – 14:28
गुलिक काल
07:20 – 08:31

11 जनवरी 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल07:20 – 08:31टालें
शुभ08:31 – 09:43शुभ
रोग09:43 – 10:54टालें
उद्वेग10:54 – 12:05टालें
चर12:05 – 13:17सामान्य
लाभ13:17 – 14:28शुभ
अमृत14:28 – 15:40शुभ
काल15:40 – 16:51टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ16:51 – 18:40शुभ
उद्वेग18:40 – 20:28टालें
शुभ20:28 – 22:17शुभ
अमृत22:17 – 00:05शुभ
चर00:05 – 01:54सामान्य
रोग01:54 – 03:42टालें
काल03:42 – 05:31टालें
लाभ05:31 – 07:19शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि07:2008:07दिन
गुरु08:0708:55दिन
मंगल08:5509:43दिन
सूर्य09:4310:30दिन
शुक्र10:3011:18दिन
बुध11:1812:05दिन
चंद्र12:0512:53दिन
शनि12:5313:41दिन
गुरु13:4114:28दिन
मंगल14:2815:16दिन
सूर्य15:1616:03दिन
शुक्र16:0316:51दिन
बुध16:5118:03रात
चंद्र18:0319:16रात
शनि19:1620:28रात
गुरु20:2821:40रात
मंगल21:4022:53रात
सूर्य22:5300:05रात
शुक्र00:0501:18रात
बुध01:1802:30रात
चंद्र02:3003:42रात
शनि03:4204:55रात
गुरु04:5506:07रात
मंगल06:0707:19रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
11 जन॰ 2025प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
13 जन॰ 2025पौष पूर्णिमापूर्णिमा
13 जन॰ 2025मकर संक्रांतिसूर्य का मकर में प्रवेश
17 जन॰ 2025संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
21 जन॰ 2025कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
25 जन॰ 2025कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
27 जन॰ 2025प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
29 जन॰ 2025माघ अमावस्याअमावस्या
1 फ़र॰ 2025विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
8 फ़र॰ 2025शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी

तिथियां एडिसन, न्यू जर्सी में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2067° (लाहिड़ी)। समय एडिसन, न्यू जर्सी (America/New_York) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।