12 जनवरी 2027 को एडिसन, न्यू जर्सी का पंचांग

मंगलवार, 12 जनवरी 2027, एडिसन, न्यू जर्सी, संयुक्त राज्य। समय America/New_York में है।

मंगलवार, 12 जनवरी 2027 को एडिसन, न्यू जर्सी में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल पंचमी (02:32, 13 जन॰ तक), नक्षत्र शतभिषा (09:44 तक) और योग व्यतीपात है। सूर्योदय 07:20 पर और सूर्यास्त 16:52 पर है। राहुकाल 14:29 से 15:40 तक है।

दिन और रात
दिन 07:20 – 16:52
रात 07:19 तक
तिथि
पंचमी, 02:32 तक
षष्ठी
नक्षत्र
पूर्वा भाद्रपद
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

12 जनवरी 2027 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल पंचमी 02:32, 13 जन॰ तक
शुक्ल षष्ठी 03:29, 14 जन॰ तक
नक्षत्र
शतभिषा 09:44 तक
पूर्वा भाद्रपद 11:34, 13 जन॰ तक
योग
व्यतीपातअशुभ 07:27 तक
वरीयान 07:24, 13 जन॰ तक
करण
बव 13:50 तक
बालव 02:32, 13 जन॰ तक
कौलव 15:05, 13 जन॰ तक
चंद्र राशि
कुंभ 05:10, 13 जन॰ तक
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:20
सूर्यास्त
16:52
चंद्रोदय
09:44
चंद्रास्त
21:43
दिनमान
9h 32m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:24 – 06:22
अभिजीत मुहूर्त
11:47 – 12:25

अशुभ समय

राहुकाल
14:29 – 15:40
यमगंड
09:43 – 10:54
गुलिक काल
12:06 – 13:17

12 जनवरी 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग07:20 – 08:31टालें
उद्वेग08:31 – 09:43टालें
चर09:43 – 10:54सामान्य
लाभ10:54 – 12:06शुभ
अमृत12:06 – 13:17शुभ
काल13:17 – 14:29टालें
शुभ14:29 – 15:40शुभ
रोग15:40 – 16:52टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल16:52 – 18:40टालें
लाभ18:40 – 20:28शुभ
उद्वेग20:28 – 22:17टालें
शुभ22:17 – 00:05शुभ
अमृत00:05 – 01:54शुभ
चर01:54 – 03:42सामान्य
रोग03:42 – 05:31टालें
काल05:31 – 07:19टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल07:2008:07दिन
सूर्य08:0708:55दिन
शुक्र08:5509:43दिन
बुध09:4310:30दिन
चंद्र10:3011:18दिन
शनि11:1812:06दिन
गुरु12:0612:53दिन
मंगल12:5313:41दिन
सूर्य13:4114:29दिन
शुक्र14:2915:16दिन
बुध15:1616:04दिन
चंद्र16:0416:52दिन
शनि16:5218:04रात
गुरु18:0419:16रात
मंगल19:1620:28रात
सूर्य20:2821:41रात
शुक्र21:4122:53रात
बुध22:5300:05रात
चंद्र00:0501:18रात
शनि01:1802:30रात
गुरु02:3003:42रात
मंगल03:4204:55रात
सूर्य04:5506:07रात
शुक्र06:0707:19रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
14 जन॰ 2027मकर संक्रांतिसूर्य का मकर में प्रवेश
18 जन॰ 2027शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
20 जन॰ 2027प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
22 जन॰ 2027पौष पूर्णिमापूर्णिमा
25 जन॰ 2027संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
29 जन॰ 2027कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
1 फ़र॰ 2027कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
3 फ़र॰ 2027प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
6 फ़र॰ 2027माघ अमावस्याअमावस्या
10 फ़र॰ 2027विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी

तिथियां एडिसन, न्यू जर्सी में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2347° (लाहिड़ी)। समय एडिसन, न्यू जर्सी (America/New_York) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।