24 सितंबर 2028 को एडिसन, न्यू जर्सी का पंचांग

रविवार, 24 सितंबर 2028, एडिसन, न्यू जर्सी, संयुक्त राज्य। समय America/New_York में है।

रविवार, 24 सितंबर 2028 को एडिसन, न्यू जर्सी में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल सप्तमी (21:03 तक), नक्षत्र ज्येष्ठा (16:55 तक) और योग आयुष्मान है। सूर्योदय 06:47 पर और सूर्यास्त 18:50 पर है। राहुकाल 17:20 से 18:50 तक है।

दिन और रात
दिन 06:47 – 18:50
रात 06:48 तक
तिथि
सप्तमी, 21:03 तक
अष्टमी
नक्षत्र
ज्येष्ठा, 16:55 तक
मूल
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

24 सितंबर 2028 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल सप्तमी 21:03 तक
शुक्ल अष्टमी 21:28, 25 सित॰ तक
नक्षत्र
मूल 17:51, 25 सित॰ तक
योग
आयुष्मान 20:13 तक
सौभाग्य 19:28, 25 सित॰ तक
करण
गर 09:08 तक
वणिज 21:03 तक
विष्टि (भद्रा) 09:10, 25 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:47
सूर्यास्त
18:50
चंद्रोदय
13:45
चंद्रास्त
22:52
दिनमान
12h 3m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:12 – 06:00
अभिजीत मुहूर्त
12:24 – 13:13

अशुभ समय

राहुकाल
17:20 – 18:50
यमगंड
12:49 – 14:19
गुलिक काल
15:49 – 17:20

24 सितंबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:47 – 08:18टालें
चर08:18 – 09:48सामान्य
लाभ09:48 – 11:18शुभ
अमृत11:18 – 12:49शुभ
काल12:49 – 14:19टालें
शुभ14:19 – 15:49शुभ
रोग15:49 – 17:20टालें
उद्वेग17:20 – 18:50टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:50 – 20:20शुभ
अमृत20:20 – 21:49शुभ
चर21:49 – 23:19सामान्य
रोग23:19 – 00:49टालें
काल00:49 – 02:19टालें
लाभ02:19 – 03:49शुभ
उद्वेग03:49 – 05:18टालें
शुभ05:18 – 06:48शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:4707:47दिन
शुक्र07:4708:48दिन
बुध08:4809:48दिन
चंद्र09:4810:48दिन
शनि10:4811:48दिन
गुरु11:4812:49दिन
मंगल12:4913:49दिन
सूर्य13:4914:49दिन
शुक्र14:4915:49दिन
बुध15:4916:49दिन
चंद्र16:4917:50दिन
शनि17:5018:50दिन
गुरु18:5019:50रात
मंगल19:5020:50रात
सूर्य20:5021:49रात
शुक्र21:4922:49रात
बुध22:4923:49रात
चंद्र23:4900:49रात
शनि00:4901:49रात
गुरु01:4902:49रात
मंगल02:4903:49रात
सूर्य03:4904:49रात
शुक्र04:4905:48रात
बुध05:4806:48रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
28 सित॰ 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
30 सित॰ 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
3 अक्टू॰ 2028आश्विन पूर्णिमापूर्णिमा
7 अक्टू॰ 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
11 अक्टू॰ 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
14 अक्टू॰ 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
15 अक्टू॰ 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
16 अक्टू॰ 2028तुला संक्रांतिसूर्य का तुला में प्रवेश
17 अक्टू॰ 2028कार्तिक अमावस्याअमावस्या
21 अक्टू॰ 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी

तिथियां एडिसन, न्यू जर्सी में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2584° (लाहिड़ी)। समय एडिसन, न्यू जर्सी (America/New_York) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।