13 मई 2026 को न्यूयॉर्क का पंचांग

बुधवार, 13 मई 2026, न्यूयॉर्क, संयुक्त राज्य। समय America/New_York में है।

बुधवार, 13 मई 2026 को न्यूयॉर्क में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वादशी (01:51, 14 मई तक), नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद (14:47 तक) और योग विष्कंभ है। सूर्योदय 05:40 पर और सूर्यास्त 20:04 पर है। राहुकाल 12:52 से 14:40 तक है।

दिन और रात
दिन 05:40 – 20:04
रात 05:39 तक
तिथि
द्वादशी, 01:51 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद, 14:47 तक
रेवती
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

13 मई 2026 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण द्वादशी 01:51, 14 मई तक
कृष्ण त्रयोदशी 23:01, 14 मई तक
नक्षत्र
रेवती 13:04, 14 मई तक
योग
विष्कंभअशुभ 11:24 तक
प्रीति 08:23, 14 मई तक
करण
कौलव 15:01 तक
तैतिल 01:51, 14 मई तक
गर 12:30, 14 मई तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमेष
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:40
सूर्यास्त
20:04
चंद्रोदय
03:30
चंद्रास्त
16:33
दिनमान
14h 24m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
वैशाख
मास (पूर्णिमांत)
ज्येष्ठ
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:23 – 05:02
अभिजीत मुहूर्त
12:23 – 13:21 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:52 – 14:40
यमगंड
07:28 – 09:16
गुलिक काल
11:04 – 12:52

13 मई 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:40 – 07:28शुभ
अमृत07:28 – 09:16शुभ
काल09:16 – 11:04टालें
शुभ11:04 – 12:52शुभ
रोग12:52 – 14:40टालें
उद्वेग14:40 – 16:28टालें
चर16:28 – 18:16सामान्य
लाभ18:16 – 20:04शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग20:04 – 21:16टालें
शुभ21:16 – 22:28शुभ
अमृत22:28 – 23:40शुभ
चर23:40 – 00:52सामान्य
रोग00:52 – 02:04टालें
काल02:04 – 03:16टालें
लाभ03:16 – 04:27शुभ
उद्वेग04:27 – 05:39टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:4006:52दिन
चंद्र06:5208:04दिन
शनि08:0409:16दिन
गुरु09:1610:28दिन
मंगल10:2811:40दिन
सूर्य11:4012:52दिन
शुक्र12:5214:04दिन
बुध14:0415:16दिन
चंद्र15:1616:28दिन
शनि16:2817:40दिन
गुरु17:4018:52दिन
मंगल18:5220:04दिन
सूर्य20:0420:52रात
शुक्र20:5221:40रात
बुध21:4022:28रात
चंद्र22:2823:16रात
शनि23:1600:04रात
गुरु00:0400:52रात
मंगल00:5201:40रात
सूर्य01:4002:28रात
शुक्र02:2803:16रात
बुध03:1604:03रात
चंद्र04:0304:51रात
शनि04:5105:39रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
14 मई 2026प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
14 मई 2026वृषभ संक्रांतिसूर्य का वृषभ में प्रवेश
16 मई 2026ज्येष्ठ अमावस्याअमावस्या
19 मई 2026विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
26 मई 2026शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
28 मई 2026प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
30 मई 2026अधिक ज्येष्ठ पूर्णिमापूर्णिमा
4 जून 2026संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
8 जून 2026कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
11 जून 2026कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी

तिथियां न्यूयॉर्क में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2253° (लाहिड़ी)। समय न्यूयॉर्क (America/New_York) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।