7 अगस्त 2026 को न्यूयॉर्क का पंचांग

शुक्रवार, 7 अगस्त 2026, न्यूयॉर्क, संयुक्त राज्य। समय America/New_York में है।

शुक्रवार, 7 अगस्त 2026 को न्यूयॉर्क में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण नवमी (07:07 तक), नक्षत्र कृत्तिका (09:13 तक) और योग ध्रुव है। सूर्योदय 05:58 पर और सूर्यास्त 20:04 पर है। राहुकाल 11:15 से 13:01 तक है।

दिन और रात
दिन 05:58 – 20:04
रात 05:59 तक
तिथि
दशमी, 04:29 तक
एकादशी
नक्षत्र
कृत्तिका, 09:13 तक
रोहिणी
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

7 अगस्त 2026 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण नवमी 07:07 तक
कृष्ण दशमी 04:29, 8 अग॰ तक
कृष्ण एकादशी 01:35, 9 अग॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 07:21, 8 अग॰ तक
योग
ध्रुव 23:32 तक
व्याघातअशुभ 20:08, 8 अग॰ तक
करण
गर 07:07 तक
वणिज 17:51 तक
विष्टि (भद्रा) 04:29, 8 अग॰ तक
बव 15:04, 8 अग॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकर्क
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:58
सूर्यास्त
20:04
चंद्रोदय
00:00
चंद्रास्त
15:55
दिनमान
14h 6m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आषाढ़
मास (पूर्णिमांत)
श्रावण
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:39 – 05:19
अभिजीत मुहूर्त
12:33 – 13:29

अशुभ समय

राहुकाल
11:15 – 13:01
यमगंड
16:32 – 18:18
गुलिक काल
07:44 – 09:30

7 अगस्त 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:58 – 07:44सामान्य
लाभ07:44 – 09:30शुभ
अमृत09:30 – 11:15शुभ
काल11:15 – 13:01टालें
शुभ13:01 – 14:47शुभ
रोग14:47 – 16:32टालें
उद्वेग16:32 – 18:18टालें
चर18:18 – 20:04सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग20:04 – 21:18टालें
काल21:18 – 22:33टालें
लाभ22:33 – 23:47शुभ
उद्वेग23:47 – 01:01टालें
शुभ01:01 – 02:16शुभ
अमृत02:16 – 03:30शुभ
चर03:30 – 04:45सामान्य
रोग04:45 – 05:59टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:5807:09दिन
बुध07:0908:19दिन
चंद्र08:1909:30दिन
शनि09:3010:40दिन
गुरु10:4011:50दिन
मंगल11:5013:01दिन
सूर्य13:0114:11दिन
शुक्र14:1115:22दिन
बुध15:2216:32दिन
चंद्र16:3217:43दिन
शनि17:4318:53दिन
गुरु18:5320:04दिन
मंगल20:0420:53रात
सूर्य20:5321:43रात
शुक्र21:4322:33रात
बुध22:3323:22रात
चंद्र23:2200:12रात
शनि00:1201:01रात
गुरु01:0101:51रात
मंगल01:5102:41रात
सूर्य02:4103:30रात
शुक्र03:3004:20रात
बुध04:2005:09रात
चंद्र05:0905:59रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
8 अग॰ 2026कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
10 अग॰ 2026प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
12 अग॰ 2026श्रावण अमावस्याअमावस्या
16 अग॰ 2026विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
16 अग॰ 2026सिंह संक्रांतिसूर्य का सिंह में प्रवेश
23 अग॰ 2026शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
25 अग॰ 2026प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
27 अग॰ 2026श्रावण पूर्णिमापूर्णिमा
31 अग॰ 2026संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
4 सित॰ 2026कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी

तिथियां न्यूयॉर्क में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2286° (लाहिड़ी)। समय न्यूयॉर्क (America/New_York) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।