1 नवंबर 2029 को न्यूयॉर्क का पंचांग

गुरुवार, 1 नवंबर 2029, न्यूयॉर्क, संयुक्त राज्य। समय America/New_York में है।

गुरुवार, 1 नवंबर 2029 को न्यूयॉर्क में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण दशमी (16:52 तक), नक्षत्र मघा (13:17 तक) और योग ब्रह्म है। सूर्योदय 07:26 पर और सूर्यास्त 17:51 पर है। राहुकाल 13:57 से 15:15 तक है।

दिन और रात
दिन 07:26 – 17:51
रात 07:27 तक
तिथि
दशमी, 16:52 तक
एकादशी
नक्षत्र
मघा, 13:17 तक
पूर्वा फाल्गुनी
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

1 नवंबर 2029 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण दशमी 16:52 तक
कृष्ण एकादशी 14:28, 2 नव॰ तक
नक्षत्र
मघा 13:17 तक
योग
ब्रह्म 20:45 तक
इंद्र 17:31, 2 नव॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 16:52 तक
बव 03:45, 2 नव॰ तक
बालव 14:28, 2 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:26
सूर्यास्त
17:51
चंद्रोदय
01:55
चंद्रास्त
14:56
दिनमान
10h 25m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:38 – 06:32
अभिजीत मुहूर्त
12:18 – 13:00

अशुभ समय

राहुकाल
13:57 – 15:15
यमगंड
07:26 – 08:44
गुलिक काल
10:03 – 11:21

1 नवंबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ07:26 – 08:44शुभ
रोग08:44 – 10:03टालें
उद्वेग10:03 – 11:21टालें
चर11:21 – 12:39सामान्य
लाभ12:39 – 13:57शुभ
अमृत13:57 – 15:15शुभ
काल15:15 – 16:33टालें
शुभ16:33 – 17:51शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:51 – 19:33शुभ
चर19:33 – 21:15सामान्य
रोग21:15 – 22:57टालें
काल22:57 – 00:39टालें
लाभ00:39 – 02:21शुभ
उद्वेग02:21 – 04:03टालें
शुभ04:03 – 05:45शुभ
अमृत05:45 – 07:27शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु07:2608:18दिन
मंगल08:1809:10दिन
सूर्य09:1010:03दिन
शुक्र10:0310:55दिन
बुध10:5511:47दिन
चंद्र11:4712:39दिन
शनि12:3913:31दिन
गुरु13:3114:23दिन
मंगल14:2315:15दिन
सूर्य15:1516:07दिन
शुक्र16:0716:59दिन
बुध16:5917:51दिन
चंद्र17:5118:59रात
शनि18:5920:07रात
गुरु20:0721:15रात
मंगल21:1522:23रात
सूर्य22:2323:31रात
शुक्र23:3100:39रात
बुध00:3901:47रात
चंद्र01:4702:55रात
शनि02:5504:03रात
गुरु04:0305:11रात
मंगल05:1106:19रात
सूर्य06:1907:27रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
2 नव॰ 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
4 नव॰ 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
5 नव॰ 2029कार्तिक अमावस्याअमावस्या
9 नव॰ 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
16 नव॰ 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
16 नव॰ 2029वृश्चिक संक्रांतिसूर्य का वृश्चिक में प्रवेश
18 नव॰ 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
20 नव॰ 2029कार्तिक पूर्णिमापूर्णिमा
24 नव॰ 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
28 नव॰ 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी

तिथियां न्यूयॉर्क में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2738° (लाहिड़ी)। समय न्यूयॉर्क (America/New_York) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।