10 सितंबर 2025 को पारामारिबो का पंचांग

बुधवार, 10 सितंबर 2025, पारामारिबो, Suriname। समय America/Paramaribo में है।

बुधवार, 10 सितंबर 2025 को पारामारिबो में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण तृतीया (07:08 तक), नक्षत्र रेवती (07:33 तक) और योग वृद्धि है। सूर्योदय 06:32 पर और सूर्यास्त 18:42 पर है। राहुकाल 12:37 से 14:08 तक है।

दिन और रात
दिन 06:32 – 18:42
रात 06:32 तक
तिथि
चतुर्थी, 04:16 तक
पंचमी
नक्षत्र
अश्विनी, 05:28 तक
भरणी
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

10 सितंबर 2025 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण तृतीया 07:08 तक
कृष्ण चतुर्थी 04:16, 11 सित॰ तक
कृष्ण पंचमी 01:29, 12 सित॰ तक
नक्षत्र
रेवती 07:33 तक
अश्विनी 05:28, 11 सित॰ तक
भरणी 03:28, 12 सित॰ तक
योग
वृद्धि 12:01 तक
ध्रुव 08:34, 11 सित॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 07:08 तक
बव 17:41 तक
बालव 04:16, 11 सित॰ तक
कौलव 14:51, 11 सित॰ तक
चंद्र राशि
मीन 07:33 तक
सूर्य राशिसिंह
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:32
सूर्यास्त
18:42
चंद्रोदय
21:09
चंद्रास्त
08:54
दिनमान
12h 10m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:57 – 05:45
अभिजीत मुहूर्त
12:13 – 13:01 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:37 – 14:08
यमगंड
08:03 – 09:34
गुलिक काल
11:06 – 12:37

10 सितंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:32 – 08:03शुभ
अमृत08:03 – 09:34शुभ
काल09:34 – 11:06टालें
शुभ11:06 – 12:37शुभ
रोग12:37 – 14:08टालें
उद्वेग14:08 – 15:40टालें
चर15:40 – 17:11सामान्य
लाभ17:11 – 18:42शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:42 – 20:11टालें
शुभ20:11 – 21:40शुभ
अमृत21:40 – 23:08शुभ
चर23:08 – 00:37सामान्य
रोग00:37 – 02:06टालें
काल02:06 – 03:34टालें
लाभ03:34 – 05:03शुभ
उद्वेग05:03 – 06:32टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:3207:33दिन
चंद्र07:3308:34दिन
शनि08:3409:34दिन
गुरु09:3410:35दिन
मंगल10:3511:36दिन
सूर्य11:3612:37दिन
शुक्र12:3713:38दिन
बुध13:3814:39दिन
चंद्र14:3915:40दिन
शनि15:4016:40दिन
गुरु16:4017:41दिन
मंगल17:4118:42दिन
सूर्य18:4219:41रात
शुक्र19:4120:40रात
बुध20:4021:40रात
चंद्र21:4022:39रात
शनि22:3923:38रात
गुरु23:3800:37रात
मंगल00:3701:36रात
सूर्य01:3602:35रात
शुक्र02:3503:34रात
बुध03:3404:33रात
चंद्र04:3305:32रात
शनि05:3206:32रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
10 सित॰ 2025संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
14 सित॰ 2025कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
16 सित॰ 2025कन्या संक्रांतिसूर्य का कन्या में प्रवेश
17 सित॰ 2025कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
19 सित॰ 2025प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
21 सित॰ 2025आश्विन अमावस्याअमावस्या
25 सित॰ 2025विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
3 अक्टू॰ 2025शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
5 अक्टू॰ 2025प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
6 अक्टू॰ 2025आश्विन पूर्णिमापूर्णिमा

तिथियां पारामारिबो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2160° (लाहिड़ी)। समय पारामारिबो (America/Paramaribo) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।