18 सितंबर 2025 को पारामारिबो का पंचांग

गुरुवार, 18 सितंबर 2025, पारामारिबो, Suriname। समय America/Paramaribo में है।

गुरुवार, 18 सितंबर 2025 को पारामारिबो में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वादशी (14:55 तक), नक्षत्र आश्लेषा (22:35 तक) और योग शिव है। सूर्योदय 06:30 पर और सूर्यास्त 18:38 पर है। राहुकाल 14:05 से 15:36 तक है।

दिन और रात
दिन 06:30 – 18:38
रात 06:30 तक
तिथि
द्वादशी, 14:55 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
आश्लेषा, 22:35 तक
मघा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

18 सितंबर 2025 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण द्वादशी 14:55 तक
कृष्ण त्रयोदशी 15:07, 19 सित॰ तक
नक्षत्र
मघा 23:35, 19 सित॰ तक
योग
शिव 13:07 तक
सिद्ध 12:11, 19 सित॰ तक
करण
तैतिल 14:55 तक
गर 02:57, 19 सित॰ तक
वणिज 15:07, 19 सित॰ तक
चंद्र राशि
कर्क 22:35 तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:30
सूर्यास्त
18:38
चंद्रोदय
03:52
चंद्रास्त
16:31
दिनमान
12h 8m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:55 – 05:43
अभिजीत मुहूर्त
12:10 – 12:58

अशुभ समय

राहुकाल
14:05 – 15:36
यमगंड
06:30 – 08:01
गुलिक काल
09:32 – 11:03

18 सितंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:30 – 08:01शुभ
रोग08:01 – 09:32टालें
उद्वेग09:32 – 11:03टालें
चर11:03 – 12:34सामान्य
लाभ12:34 – 14:05शुभ
अमृत14:05 – 15:36शुभ
काल15:36 – 17:07टालें
शुभ17:07 – 18:38शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:38 – 20:07शुभ
चर20:07 – 21:36सामान्य
रोग21:36 – 23:05टालें
काल23:05 – 00:34टालें
लाभ00:34 – 02:03शुभ
उद्वेग02:03 – 03:32टालें
शुभ03:32 – 05:01शुभ
अमृत05:01 – 06:30शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:3007:31दिन
मंगल07:3108:32दिन
सूर्य08:3209:32दिन
शुक्र09:3210:33दिन
बुध10:3311:33दिन
चंद्र11:3312:34दिन
शनि12:3413:35दिन
गुरु13:3514:35दिन
मंगल14:3515:36दिन
सूर्य15:3616:37दिन
शुक्र16:3717:37दिन
बुध17:3718:38दिन
चंद्र18:3819:37रात
शनि19:3720:37रात
गुरु20:3721:36रात
मंगल21:3622:35रात
सूर्य22:3523:35रात
शुक्र23:3500:34रात
बुध00:3401:33रात
चंद्र01:3302:33रात
शनि02:3303:32रात
गुरु03:3204:31रात
मंगल04:3105:31रात
सूर्य05:3106:30रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
19 सित॰ 2025प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
21 सित॰ 2025आश्विन अमावस्याअमावस्या
25 सित॰ 2025विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
3 अक्टू॰ 2025शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
5 अक्टू॰ 2025प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
6 अक्टू॰ 2025आश्विन पूर्णिमापूर्णिमा
10 अक्टू॰ 2025संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
13 अक्टू॰ 2025कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
16 अक्टू॰ 2025कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
17 अक्टू॰ 2025तुला संक्रांतिसूर्य का तुला में प्रवेश

तिथियां पारामारिबो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2163° (लाहिड़ी)। समय पारामारिबो (America/Paramaribo) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।