22 सितंबर 2025 को पारामारिबो का पंचांग

सोमवार, 22 सितंबर 2025, पारामारिबो, Suriname। समय America/Paramaribo में है।

सोमवार, 22 सितंबर 2025 को पारामारिबो में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल प्रतिपदा (18:26 तक), नक्षत्र हस्त (05:10, 23 सित॰ तक) और योग शुक्ल है। सूर्योदय 06:29 पर और सूर्यास्त 18:36 पर है। राहुकाल 08:00 से 09:31 तक है।

दिन और रात
दिन 06:29 – 18:36
रात 06:29 तक
तिथि
प्रतिपदा, 18:26 तक
द्वितीया
नक्षत्र
हस्त, 05:10 तक
चित्रा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

22 सितंबर 2025 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल प्रतिपदा 18:26 तक
शुक्ल द्वितीया 20:22, 23 सित॰ तक
नक्षत्र
हस्त 05:10, 23 सित॰ तक
चित्रा 07:46, 24 सित॰ तक
योग
शुक्ल 11:28 तक
ब्रह्म 11:53, 23 सित॰ तक
करण
बव 18:26 तक
बालव 07:21, 23 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:29
सूर्यास्त
18:36
चंद्रोदय
06:57
चंद्रास्त
19:11
दिनमान
12h 7m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:54 – 05:42
अभिजीत मुहूर्त
12:08 – 12:57

अशुभ समय

राहुकाल
08:00 – 09:31
यमगंड
11:02 – 12:33
गुलिक काल
14:04 – 15:34

22 सितंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:29 – 08:00शुभ
काल08:00 – 09:31टालें
शुभ09:31 – 11:02शुभ
रोग11:02 – 12:33टालें
उद्वेग12:33 – 14:04टालें
चर14:04 – 15:34सामान्य
लाभ15:34 – 17:05शुभ
अमृत17:05 – 18:36शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:36 – 20:05सामान्य
रोग20:05 – 21:34टालें
काल21:34 – 23:03टालें
लाभ23:03 – 00:33शुभ
उद्वेग00:33 – 02:02टालें
शुभ02:02 – 03:31शुभ
अमृत03:31 – 05:00शुभ
चर05:00 – 06:29सामान्य

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:2907:30दिन
शनि07:3008:31दिन
गुरु08:3109:31दिन
मंगल09:3110:32दिन
सूर्य10:3211:32दिन
शुक्र11:3212:33दिन
बुध12:3313:33दिन
चंद्र13:3314:34दिन
शनि14:3415:34दिन
गुरु15:3416:35दिन
मंगल16:3517:35दिन
सूर्य17:3518:36दिन
शुक्र18:3619:35रात
बुध19:3520:35रात
चंद्र20:3521:34रात
शनि21:3422:34रात
गुरु22:3423:33रात
मंगल23:3300:33रात
सूर्य00:3301:32रात
शुक्र01:3202:31रात
बुध02:3103:31रात
चंद्र03:3104:30रात
शनि04:3005:30रात
गुरु05:3006:29रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
25 सित॰ 2025विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
3 अक्टू॰ 2025शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
5 अक्टू॰ 2025प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
6 अक्टू॰ 2025आश्विन पूर्णिमापूर्णिमा
10 अक्टू॰ 2025संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
13 अक्टू॰ 2025कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
16 अक्टू॰ 2025कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
17 अक्टू॰ 2025तुला संक्रांतिसूर्य का तुला में प्रवेश
18 अक्टू॰ 2025प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
21 अक्टू॰ 2025कार्तिक अमावस्याअमावस्या

तिथियां पारामारिबो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2164° (लाहिड़ी)। समय पारामारिबो (America/Paramaribo) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।