24 फ़रवरी 2026 को पारामारिबो का पंचांग

मंगलवार, 24 फ़रवरी 2026, पारामारिबो, Suriname। समय America/Paramaribo में है।

मंगलवार, 24 फ़रवरी 2026 को पारामारिबो में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल अष्टमी (20:22 तक), नक्षत्र रोहिणी (05:08, 25 फ़र॰ तक) और योग वैधृति है। सूर्योदय 06:54 पर और सूर्यास्त 18:53 पर है। राहुकाल 15:53 से 17:23 तक है।

दिन और रात
दिन 06:54 – 18:53
रात 06:54 तक
तिथि
अष्टमी, 20:22 तक
नवमी
नक्षत्र
रोहिणी, 05:08 तक
मृगशिरा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

24 फ़रवरी 2026 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल अष्टमी 20:22 तक
शुक्ल नवमी 18:11, 25 फ़र॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 05:08, 25 फ़र॰ तक
मृगशिरा 03:41, 26 फ़र॰ तक
योग
वैधृतिअशुभ 19:56 तक
विष्कंभअशुभ 16:58, 25 फ़र॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 09:27 तक
बव 20:22 तक
बालव 07:16, 25 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:54
सूर्यास्त
18:53
चंद्रोदय
12:31
चंद्रास्त
00:23
दिनमान
11h 59m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:18 – 06:06
अभिजीत मुहूर्त
12:29 – 13:17

अशुभ समय

राहुकाल
15:53 – 17:23
यमगंड
09:54 – 11:23
गुलिक काल
12:53 – 14:23

24 फ़रवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:54 – 08:24टालें
उद्वेग08:24 – 09:54टालें
चर09:54 – 11:23सामान्य
लाभ11:23 – 12:53शुभ
अमृत12:53 – 14:23शुभ
काल14:23 – 15:53टालें
शुभ15:53 – 17:23शुभ
रोग17:23 – 18:53टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:53 – 20:23टालें
लाभ20:23 – 21:53शुभ
उद्वेग21:53 – 23:23टालें
शुभ23:23 – 00:53शुभ
अमृत00:53 – 02:23शुभ
चर02:23 – 03:53सामान्य
रोग03:53 – 05:23टालें
काल05:23 – 06:54टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:5407:54दिन
सूर्य07:5408:54दिन
शुक्र08:5409:54दिन
बुध09:5410:54दिन
चंद्र10:5411:53दिन
शनि11:5312:53दिन
गुरु12:5313:53दिन
मंगल13:5314:53दिन
सूर्य14:5315:53दिन
शुक्र15:5316:53दिन
बुध16:5317:53दिन
चंद्र17:5318:53दिन
शनि18:5319:53रात
गुरु19:5320:53रात
मंगल20:5321:53रात
सूर्य21:5322:53रात
शुक्र22:5323:53रात
बुध23:5300:53रात
चंद्र00:5301:53रात
शनि01:5302:53रात
गुरु02:5303:53रात
मंगल03:5304:53रात
सूर्य04:5305:53रात
शुक्र05:5306:54रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
27 फ़र॰ 2026शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
1 मार्च 2026प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
3 मार्च 2026फाल्गुन पूर्णिमापूर्णिमा
7 मार्च 2026संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
11 मार्च 2026कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
14 मार्च 2026कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
14 मार्च 2026मीन संक्रांतिसूर्य का मीन में प्रवेश
16 मार्च 2026प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
18 मार्च 2026चैत्र अमावस्याअमावस्या
22 मार्च 2026विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी

तिथियां पारामारिबो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2223° (लाहिड़ी)। समय पारामारिबो (America/Paramaribo) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।