1 जनवरी 2027 को पारामारिबो का पंचांग

शुक्रवार, 1 जनवरी 2027, पारामारिबो, Suriname। समय America/Paramaribo में है।

शुक्रवार, 1 जनवरी 2027 को पारामारिबो में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण दशमी (05:54, 2 जन॰ तक), नक्षत्र चित्रा (08:59 तक) और योग सुकर्मा है। सूर्योदय 06:50 पर और सूर्यास्त 18:37 पर है। राहुकाल 11:15 से 12:44 तक है।

दिन और रात
दिन 06:50 – 18:37
रात 06:50 तक
तिथि
दशमी, 05:54 तक
नक्षत्र
स्वाति
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

1 जनवरी 2027 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण दशमी 05:54, 2 जन॰ तक
कृष्ण एकादशी 07:38, 3 जन॰ तक
नक्षत्र
चित्रा 08:59 तक
स्वाति 10:49, 2 जन॰ तक
योग
सुकर्मा 02:58, 2 जन॰ तक
धृति 03:07, 3 जन॰ तक
करण
वणिज 17:13 तक
विष्टि (भद्रा) 05:54, 2 जन॰ तक
बव 18:43, 2 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:50
सूर्यास्त
18:37
चंद्रोदय
01:38
चंद्रास्त
13:46
दिनमान
11h 48m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:12 – 06:01
अभिजीत मुहूर्त
12:20 – 13:07

अशुभ समय

राहुकाल
11:15 – 12:44
यमगंड
15:41 – 17:09
गुलिक काल
08:18 – 09:47

1 जनवरी 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:50 – 08:18सामान्य
लाभ08:18 – 09:47शुभ
अमृत09:47 – 11:15शुभ
काल11:15 – 12:44टालें
शुभ12:44 – 14:12शुभ
रोग14:12 – 15:41टालें
उद्वेग15:41 – 17:09टालें
चर17:09 – 18:37सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:37 – 20:09टालें
काल20:09 – 21:41टालें
लाभ21:41 – 23:12शुभ
उद्वेग23:12 – 00:44टालें
शुभ00:44 – 02:16शुभ
अमृत02:16 – 03:47शुभ
चर03:47 – 05:19सामान्य
रोग05:19 – 06:50टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:5007:49दिन
बुध07:4908:48दिन
चंद्र08:4809:47दिन
शनि09:4710:46दिन
गुरु10:4611:45दिन
मंगल11:4512:44दिन
सूर्य12:4413:43दिन
शुक्र13:4314:42दिन
बुध14:4215:41दिन
चंद्र15:4116:40दिन
शनि16:4017:39दिन
गुरु17:3918:37दिन
मंगल18:3719:39रात
सूर्य19:3920:40रात
शुक्र20:4021:41रात
बुध21:4122:42रात
चंद्र22:4223:43रात
शनि23:4300:44रात
गुरु00:4401:45रात
मंगल01:4502:46रात
सूर्य02:4603:47रात
शुक्र03:4704:48रात
बुध04:4805:49रात
चंद्र05:4906:50रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
2 जन॰ 2027कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
5 जन॰ 2027प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
7 जन॰ 2027पौष अमावस्याअमावस्या
11 जन॰ 2027विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
14 जन॰ 2027मकर संक्रांतिसूर्य का मकर में प्रवेश
18 जन॰ 2027शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
20 जन॰ 2027प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
22 जन॰ 2027पौष पूर्णिमापूर्णिमा
25 जन॰ 2027संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
29 जन॰ 2027कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी

तिथियां पारामारिबो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2342° (लाहिड़ी)। समय पारामारिबो (America/Paramaribo) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।