23 जनवरी 2027 को पारामारिबो का पंचांग

शनिवार, 23 जनवरी 2027, पारामारिबो, Suriname। समय America/Paramaribo में है।

शनिवार, 23 जनवरी 2027 को पारामारिबो में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वितीया (02:27, 24 जन॰ तक), नक्षत्र आश्लेषा (20:23 तक) और योग आयुष्मान है। सूर्योदय 06:57 पर और सूर्यास्त 18:47 पर है। राहुकाल 09:54 से 11:23 तक है।

दिन और रात
दिन 06:57 – 18:47
रात 06:57 तक
तिथि
द्वितीया, 02:27 तक
तृतीया
नक्षत्र
आश्लेषा, 20:23 तक
मघा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

23 जनवरी 2027 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण द्वितीया 02:27, 24 जन॰ तक
कृष्ण तृतीया 23:40, 24 जन॰ तक
नक्षत्र
मघा 18:11, 24 जन॰ तक
योग
आयुष्मान 21:10 तक
सौभाग्य 17:33, 24 जन॰ तक
करण
तैतिल 16:02 तक
गर 02:27, 24 जन॰ तक
वणिज 13:00, 24 जन॰ तक
चंद्र राशि
कर्क 20:23 तक
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:57
सूर्यास्त
18:47
चंद्रोदय
20:08
चंद्रास्त
07:52
दिनमान
11h 51m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:19 – 06:08
अभिजीत मुहूर्त
12:28 – 13:16

अशुभ समय

राहुकाल
09:54 – 11:23
यमगंड
14:21 – 15:50
गुलिक काल
06:57 – 08:25

23 जनवरी 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:57 – 08:25टालें
शुभ08:25 – 09:54शुभ
रोग09:54 – 11:23टालें
उद्वेग11:23 – 12:52टालें
चर12:52 – 14:21सामान्य
लाभ14:21 – 15:50शुभ
अमृत15:50 – 17:18शुभ
काल17:18 – 18:47टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:47 – 20:19शुभ
उद्वेग20:19 – 21:50टालें
शुभ21:50 – 23:21शुभ
अमृत23:21 – 00:52शुभ
चर00:52 – 02:23सामान्य
रोग02:23 – 03:54टालें
काल03:54 – 05:26टालें
लाभ05:26 – 06:57शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:5707:56दिन
गुरु07:5608:55दिन
मंगल08:5509:54दिन
सूर्य09:5410:54दिन
शुक्र10:5411:53दिन
बुध11:5312:52दिन
चंद्र12:5213:51दिन
शनि13:5114:50दिन
गुरु14:5015:50दिन
मंगल15:5016:49दिन
सूर्य16:4917:48दिन
शुक्र17:4818:47दिन
बुध18:4719:48रात
चंद्र19:4820:49रात
शनि20:4921:50रात
गुरु21:5022:50रात
मंगल22:5023:51रात
सूर्य23:5100:52रात
शुक्र00:5201:53रात
बुध01:5302:54रात
चंद्र02:5403:54रात
शनि03:5404:55रात
गुरु04:5505:56रात
मंगल05:5606:57रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
25 जन॰ 2027संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
29 जन॰ 2027कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
1 फ़र॰ 2027कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
3 फ़र॰ 2027प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
6 फ़र॰ 2027माघ अमावस्याअमावस्या
10 फ़र॰ 2027विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
13 फ़र॰ 2027कुंभ संक्रांतिसूर्य का कुंभ में प्रवेश
17 फ़र॰ 2027शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
18 फ़र॰ 2027प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
20 फ़र॰ 2027माघ पूर्णिमापूर्णिमा

तिथियां पारामारिबो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2351° (लाहिड़ी)। समय पारामारिबो (America/Paramaribo) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।