24 मार्च 2027 को पारामारिबो का पंचांग

बुधवार, 24 मार्च 2027, पारामारिबो, Suriname। समय America/Paramaribo में है।

बुधवार, 24 मार्च 2027 को पारामारिबो में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण तृतीया (04:08, 25 मार्च तक), नक्षत्र चित्रा (10:55 तक) और योग व्याघात है। सूर्योदय 06:43 पर और सूर्यास्त 18:50 पर है। राहुकाल 12:46 से 14:17 तक है।

दिन और रात
दिन 06:43 – 18:50
रात 06:42 तक
तिथि
तृतीया, 04:08 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
चित्रा, 10:55 तक
स्वाति
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

24 मार्च 2027 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण तृतीया 04:08, 25 मार्च तक
कृष्ण चतुर्थी 04:13, 26 मार्च तक
नक्षत्र
चित्रा 10:55 तक
स्वाति 11:09, 25 मार्च तक
योग
व्याघातअशुभ 23:02 तक
हर्षण 21:51, 25 मार्च तक
करण
वणिज 16:21 तक
विष्टि (भद्रा) 04:08, 25 मार्च तक
बव 16:05, 25 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:43
सूर्यास्त
18:50
चंद्रोदय
20:49
चंद्रास्त
08:08
दिनमान
12h 8m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:08 – 05:55
अभिजीत मुहूर्त
12:22 – 13:11 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:46 – 14:17
यमगंड
08:14 – 09:45
गुलिक काल
11:16 – 12:46

24 मार्च 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:43 – 08:14शुभ
अमृत08:14 – 09:45शुभ
काल09:45 – 11:16टालें
शुभ11:16 – 12:46शुभ
रोग12:46 – 14:17टालें
उद्वेग14:17 – 15:48टालें
चर15:48 – 17:19सामान्य
लाभ17:19 – 18:50शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:50 – 20:19टालें
शुभ20:19 – 21:48शुभ
अमृत21:48 – 23:17शुभ
चर23:17 – 00:46सामान्य
रोग00:46 – 02:15टालें
काल02:15 – 03:44टालें
लाभ03:44 – 05:13शुभ
उद्वेग05:13 – 06:42टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:4307:43दिन
चंद्र07:4308:44दिन
शनि08:4409:45दिन
गुरु09:4510:45दिन
मंगल10:4511:46दिन
सूर्य11:4612:46दिन
शुक्र12:4613:47दिन
बुध13:4714:48दिन
चंद्र14:4815:48दिन
शनि15:4816:49दिन
गुरु16:4917:50दिन
मंगल17:5018:50दिन
सूर्य18:5019:50रात
शुक्र19:5020:49रात
बुध20:4921:48रात
चंद्र21:4822:48रात
शनि22:4823:47रात
गुरु23:4700:46रात
मंगल00:4601:46रात
सूर्य01:4602:45रात
शुक्र02:4503:44रात
बुध03:4404:44रात
चंद्र04:4405:43रात
शनि05:4306:42रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
25 मार्च 2027संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
30 मार्च 2027कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
2 अप्रैल 2027कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
4 अप्रैल 2027प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
6 अप्रैल 2027चैत्र अमावस्याअमावस्या
10 अप्रैल 2027विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
14 अप्रैल 2027मेष संक्रांतिसूर्य का मेष में प्रवेश
16 अप्रैल 2027शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
18 अप्रैल 2027प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
20 अप्रैल 2027चैत्र पूर्णिमापूर्णिमा

तिथियां पारामारिबो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2374° (लाहिड़ी)। समय पारामारिबो (America/Paramaribo) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।