27 मार्च 2027 को पारामारिबो का पंचांग

शनिवार, 27 मार्च 2027, पारामारिबो, Suriname। समय America/Paramaribo में है।

शनिवार, 27 मार्च 2027 को पारामारिबो में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण षष्ठी (06:35, 28 मार्च तक), नक्षत्र अनुराधा (13:45 तक) और योग सिद्धि है। सूर्योदय 06:41 पर और सूर्यास्त 18:50 पर है। राहुकाल 09:43 से 11:14 तक है।

दिन और रात
दिन 06:41 – 18:50
रात 06:41 तक
तिथि
षष्ठी, 06:35 तक
नक्षत्र
अनुराधा, 13:45 तक
ज्येष्ठा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

27 मार्च 2027 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण षष्ठी 06:35, 28 मार्च तक
कृष्ण सप्तमी 08:41, 29 मार्च तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा 16:02, 28 मार्च तक
योग
सिद्धि 21:12 तक
व्यतीपातअशुभ 21:37, 28 मार्च तक
करण
गर 17:44 तक
वणिज 06:35, 28 मार्च तक
विष्टि (भद्रा) 19:34, 28 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:41
सूर्यास्त
18:50
चंद्रोदय
23:28
चंद्रास्त
10:36
दिनमान
12h 9m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:06 – 05:54
अभिजीत मुहूर्त
12:21 – 13:10

अशुभ समय

राहुकाल
09:43 – 11:14
यमगंड
14:17 – 15:48
गुलिक काल
06:41 – 08:12

27 मार्च 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:41 – 08:12टालें
शुभ08:12 – 09:43शुभ
रोग09:43 – 11:14टालें
उद्वेग11:14 – 12:46टालें
चर12:46 – 14:17सामान्य
लाभ14:17 – 15:48शुभ
अमृत15:48 – 17:19शुभ
काल17:19 – 18:50टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:50 – 20:19शुभ
उद्वेग20:19 – 21:48टालें
शुभ21:48 – 23:17शुभ
अमृत23:17 – 00:45शुभ
चर00:45 – 02:14सामान्य
रोग02:14 – 03:43टालें
काल03:43 – 05:12टालें
लाभ05:12 – 06:41शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:4107:42दिन
गुरु07:4208:43दिन
मंगल08:4309:43दिन
सूर्य09:4310:44दिन
शुक्र10:4411:45दिन
बुध11:4512:46दिन
चंद्र12:4613:46दिन
शनि13:4614:47दिन
गुरु14:4715:48दिन
मंगल15:4816:48दिन
सूर्य16:4817:49दिन
शुक्र17:4918:50दिन
बुध18:5019:49रात
चंद्र19:4920:48रात
शनि20:4821:48रात
गुरु21:4822:47रात
मंगल22:4723:46रात
सूर्य23:4600:45रात
शुक्र00:4501:45रात
बुध01:4502:44रात
चंद्र02:4403:43रात
शनि03:4304:42रात
गुरु04:4205:42रात
मंगल05:4206:41रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
30 मार्च 2027कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
2 अप्रैल 2027कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
4 अप्रैल 2027प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
6 अप्रैल 2027चैत्र अमावस्याअमावस्या
10 अप्रैल 2027विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
14 अप्रैल 2027मेष संक्रांतिसूर्य का मेष में प्रवेश
16 अप्रैल 2027शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
18 अप्रैल 2027प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
20 अप्रैल 2027चैत्र पूर्णिमापूर्णिमा
24 अप्रैल 2027संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी

तिथियां पारामारिबो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2375° (लाहिड़ी)। समय पारामारिबो (America/Paramaribo) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।