23 सितंबर 2027 को पारामारिबो का पंचांग

गुरुवार, 23 सितंबर 2027, पारामारिबो, Suriname। समय America/Paramaribo में है।

गुरुवार, 23 सितंबर 2027 को पारामारिबो में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण अष्टमी (18:27 तक), नक्षत्र मृगशिरा (08:37 तक) और योग व्यतीपात है। सूर्योदय 06:29 पर और सूर्यास्त 18:36 पर है। राहुकाल 14:03 से 15:34 तक है।

दिन और रात
दिन 06:29 – 18:36
रात 06:29 तक
तिथि
अष्टमी, 18:27 तक
नवमी
नक्षत्र
आर्द्रा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

23 सितंबर 2027 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण अष्टमी 18:27 तक
कृष्ण नवमी 16:25, 24 सित॰ तक
नक्षत्र
आर्द्रा 07:28, 24 सित॰ तक
योग
व्यतीपातअशुभ 15:05 तक
वरीयान 12:22, 24 सित॰ तक
करण
बालव 07:20 तक
कौलव 18:27 तक
तैतिल 05:29, 24 सित॰ तक
गर 16:25, 24 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:29
सूर्यास्त
18:36
चंद्रोदय
00:04
चंद्रास्त
12:57
दिनमान
12h 6m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:54 – 05:42
अभिजीत मुहूर्त
12:08 – 12:57

अशुभ समय

राहुकाल
14:03 – 15:34
यमगंड
06:29 – 08:00
गुलिक काल
09:31 – 11:02

23 सितंबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:29 – 08:00शुभ
रोग08:00 – 09:31टालें
उद्वेग09:31 – 11:02टालें
चर11:02 – 12:33सामान्य
लाभ12:33 – 14:03शुभ
अमृत14:03 – 15:34शुभ
काल15:34 – 17:05टालें
शुभ17:05 – 18:36शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:36 – 20:05शुभ
चर20:05 – 21:34सामान्य
रोग21:34 – 23:03टालें
काल23:03 – 00:32टालें
लाभ00:32 – 02:02शुभ
उद्वेग02:02 – 03:31टालें
शुभ03:31 – 05:00शुभ
अमृत05:00 – 06:29शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:2907:30दिन
मंगल07:3008:30दिन
सूर्य08:3009:31दिन
शुक्र09:3110:31दिन
बुध10:3111:32दिन
चंद्र11:3212:33दिन
शनि12:3313:33दिन
गुरु13:3314:34दिन
मंगल14:3415:34दिन
सूर्य15:3416:35दिन
शुक्र16:3517:35दिन
बुध17:3518:36दिन
चंद्र18:3619:35रात
शनि19:3520:35रात
गुरु20:3521:34रात
मंगल21:3422:34रात
सूर्य22:3423:33रात
शुक्र23:3300:32रात
बुध00:3201:32रात
चंद्र01:3202:31रात
शनि02:3103:31रात
गुरु03:3104:30रात
मंगल04:3005:30रात
सूर्य05:3006:29रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
23 सित॰ 2027कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
26 सित॰ 2027कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
27 सित॰ 2027प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
29 सित॰ 2027आश्विन अमावस्याअमावस्या
3 अक्टू॰ 2027विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
10 अक्टू॰ 2027शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
13 अक्टू॰ 2027प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
15 अक्टू॰ 2027आश्विन पूर्णिमापूर्णिमा
17 अक्टू॰ 2027तुला संक्रांतिसूर्य का तुला में प्रवेश
19 अक्टू॰ 2027संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
22 अक्टू॰ 2027कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी

तिथियां पारामारिबो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2444° (लाहिड़ी)। समय पारामारिबो (America/Paramaribo) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।