24 सितंबर 2027 को पारामारिबो का पंचांग

शुक्रवार, 24 सितंबर 2027, पारामारिबो, Suriname। समय America/Paramaribo में है।

शुक्रवार, 24 सितंबर 2027 को पारामारिबो में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण नवमी (16:25 तक), नक्षत्र आर्द्रा (07:28 तक) और योग वरीयान है। सूर्योदय 06:29 पर और सूर्यास्त 18:35 पर है। राहुकाल 11:01 से 12:32 तक है।

दिन और रात
दिन 06:29 – 18:35
रात 06:29 तक
तिथि
नवमी, 16:25 तक
दशमी
नक्षत्र
पुनर्वसु, 05:57 तक
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

24 सितंबर 2027 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण नवमी 16:25 तक
कृष्ण दशमी 14:01, 25 सित॰ तक
नक्षत्र
पुनर्वसु 05:57, 25 सित॰ तक
पुष्य 04:08, 26 सित॰ तक
योग
वरीयान 12:22 तक
परिघअशुभ 09:21, 25 सित॰ तक
करण
गर 16:25 तक
वणिज 03:15, 25 सित॰ तक
विष्टि (भद्रा) 14:01, 25 सित॰ तक
चंद्र राशि
मिथुन 00:22, 25 सित॰ तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:29
सूर्यास्त
18:35
चंद्रोदय
01:05
चंद्रास्त
13:56
दिनमान
12h 6m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:54 – 05:42
अभिजीत मुहूर्त
12:08 – 12:56

अशुभ समय

राहुकाल
11:01 – 12:32
यमगंड
15:34 – 17:04
गुलिक काल
08:00 – 09:31

24 सितंबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:29 – 08:00सामान्य
लाभ08:00 – 09:31शुभ
अमृत09:31 – 11:01शुभ
काल11:01 – 12:32टालें
शुभ12:32 – 14:03शुभ
रोग14:03 – 15:34टालें
उद्वेग15:34 – 17:04टालें
चर17:04 – 18:35सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:35 – 20:04टालें
काल20:04 – 21:34टालें
लाभ21:34 – 23:03शुभ
उद्वेग23:03 – 00:32टालें
शुभ00:32 – 02:01शुभ
अमृत02:01 – 03:31शुभ
चर03:31 – 05:00सामान्य
रोग05:00 – 06:29टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:2907:30दिन
बुध07:3008:30दिन
चंद्र08:3009:31दिन
शनि09:3110:31दिन
गुरु10:3111:32दिन
मंगल11:3212:32दिन
सूर्य12:3213:33दिन
शुक्र13:3314:33दिन
बुध14:3315:34दिन
चंद्र15:3416:34दिन
शनि16:3417:35दिन
गुरु17:3518:35दिन
मंगल18:3519:35रात
सूर्य19:3520:34रात
शुक्र20:3421:34रात
बुध21:3422:33रात
चंद्र22:3323:33रात
शनि23:3300:32रात
गुरु00:3201:32रात
मंगल01:3202:31रात
सूर्य02:3103:31रात
शुक्र03:3104:30रात
बुध04:3005:29रात
चंद्र05:2906:29रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
26 सित॰ 2027कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
27 सित॰ 2027प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
29 सित॰ 2027आश्विन अमावस्याअमावस्या
3 अक्टू॰ 2027विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
10 अक्टू॰ 2027शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
13 अक्टू॰ 2027प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
15 अक्टू॰ 2027आश्विन पूर्णिमापूर्णिमा
17 अक्टू॰ 2027तुला संक्रांतिसूर्य का तुला में प्रवेश
19 अक्टू॰ 2027संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
22 अक्टू॰ 2027कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी

तिथियां पारामारिबो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2444° (लाहिड़ी)। समय पारामारिबो (America/Paramaribo) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।