30 सितंबर 2027 को पारामारिबो का पंचांग

गुरुवार, 30 सितंबर 2027, पारामारिबो, Suriname। समय America/Paramaribo में है।

गुरुवार, 30 सितंबर 2027 को पारामारिबो में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल प्रतिपदा (21:05 तक), नक्षत्र हस्त (17:41 तक) और योग ब्रह्म है। सूर्योदय 06:28 पर और सूर्यास्त 18:32 पर है। राहुकाल 14:01 से 15:31 तक है।

दिन और रात
दिन 06:28 – 18:32
रात 06:28 तक
तिथि
प्रतिपदा, 21:05 तक
द्वितीया
नक्षत्र
हस्त, 17:41 तक
चित्रा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

30 सितंबर 2027 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल प्रतिपदा 21:05 तक
शुक्ल द्वितीया 19:03, 1 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
हस्त 17:41 तक
चित्रा 16:19, 1 अक्टू॰ तक
योग
ब्रह्म 12:39 तक
इंद्र 09:41, 1 अक्टू॰ तक
करण
किंस्तुघ्न 10:17 तक
बव 21:05 तक
बालव 08:00, 1 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
कन्या 04:56, 1 अक्टू॰ तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:28
सूर्यास्त
18:32
चंद्रोदय
06:42
चंद्रास्त
18:57
दिनमान
12h 4m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:53 – 05:40
अभिजीत मुहूर्त
12:06 – 12:54

अशुभ समय

राहुकाल
14:01 – 15:31
यमगंड
06:28 – 07:59
गुलिक काल
09:29 – 11:00

30 सितंबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:28 – 07:59शुभ
रोग07:59 – 09:29टालें
उद्वेग09:29 – 11:00टालें
चर11:00 – 12:30सामान्य
लाभ12:30 – 14:01शुभ
अमृत14:01 – 15:31शुभ
काल15:31 – 17:02टालें
शुभ17:02 – 18:32शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:32 – 20:02शुभ
चर20:02 – 21:31सामान्य
रोग21:31 – 23:01टालें
काल23:01 – 00:30टालें
लाभ00:30 – 02:00शुभ
उद्वेग02:00 – 03:29टालें
शुभ03:29 – 04:58शुभ
अमृत04:58 – 06:28शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:2807:28दिन
मंगल07:2808:29दिन
सूर्य08:2909:29दिन
शुक्र09:2910:29दिन
बुध10:2911:30दिन
चंद्र11:3012:30दिन
शनि12:3013:30दिन
गुरु13:3014:31दिन
मंगल14:3115:31दिन
सूर्य15:3116:32दिन
शुक्र16:3217:32दिन
बुध17:3218:32दिन
चंद्र18:3219:32रात
शनि19:3220:31रात
गुरु20:3121:31रात
मंगल21:3122:31रात
सूर्य22:3123:30रात
शुक्र23:3000:30रात
बुध00:3001:30रात
चंद्र01:3002:29रात
शनि02:2903:29रात
गुरु03:2904:29रात
मंगल04:2905:28रात
सूर्य05:2806:28रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
3 अक्टू॰ 2027विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
10 अक्टू॰ 2027शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
13 अक्टू॰ 2027प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
15 अक्टू॰ 2027आश्विन पूर्णिमापूर्णिमा
17 अक्टू॰ 2027तुला संक्रांतिसूर्य का तुला में प्रवेश
19 अक्टू॰ 2027संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
22 अक्टू॰ 2027कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
25 अक्टू॰ 2027कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
27 अक्टू॰ 2027प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
29 अक्टू॰ 2027कार्तिक अमावस्याअमावस्या

तिथियां पारामारिबो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2446° (लाहिड़ी)। समय पारामारिबो (America/Paramaribo) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।