31 अक्टूबर 2027 को पारामारिबो का पंचांग

रविवार, 31 अक्टूबर 2027, पारामारिबो, Suriname। समय America/Paramaribo में है।

रविवार, 31 अक्टूबर 2027 को पारामारिबो में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वितीया (08:43 तक), नक्षत्र अनुराधा (01:27, 1 नव॰ तक) और योग सौभाग्य है। सूर्योदय 06:26 पर और सूर्यास्त 18:21 पर है। राहुकाल 16:52 से 18:21 तक है।

दिन और रात
दिन 06:26 – 18:21
रात 06:26 तक
तिथि
तृतीया
नक्षत्र
अनुराधा, 01:27 तक
ज्येष्ठा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

31 अक्टूबर 2027 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल द्वितीया 08:43 तक
शुक्ल तृतीया 08:45, 1 नव॰ तक
नक्षत्र
अनुराधा 01:27, 1 नव॰ तक
ज्येष्ठा 02:36, 2 नव॰ तक
योग
सौभाग्य 12:26 तक
शोभन 11:24, 1 नव॰ तक
करण
कौलव 08:43 तक
तैतिल 20:39 तक
गर 08:45, 1 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:26
सूर्यास्त
18:21
चंद्रोदय
08:07
चंद्रास्त
20:10
दिनमान
11h 55m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:50 – 05:38
अभिजीत मुहूर्त
12:00 – 12:48

अशुभ समय

राहुकाल
16:52 – 18:21
यमगंड
12:24 – 13:53
गुलिक काल
15:22 – 16:52

31 अक्टूबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:26 – 07:56टालें
चर07:56 – 09:25सामान्य
लाभ09:25 – 10:54शुभ
अमृत10:54 – 12:24शुभ
काल12:24 – 13:53टालें
शुभ13:53 – 15:22शुभ
रोग15:22 – 16:52टालें
उद्वेग16:52 – 18:21टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:21 – 19:52शुभ
अमृत19:52 – 21:23शुभ
चर21:23 – 22:53सामान्य
रोग22:53 – 00:24टालें
काल00:24 – 01:54टालें
लाभ01:54 – 03:25शुभ
उद्वेग03:25 – 04:56टालें
शुभ04:56 – 06:26शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:2607:26दिन
शुक्र07:2608:25दिन
बुध08:2509:25दिन
चंद्र09:2510:25दिन
शनि10:2511:24दिन
गुरु11:2412:24दिन
मंगल12:2413:23दिन
सूर्य13:2314:23दिन
शुक्र14:2315:22दिन
बुध15:2216:22दिन
चंद्र16:2217:22दिन
शनि17:2218:21दिन
गुरु18:2119:22रात
मंगल19:2220:22रात
सूर्य20:2221:23रात
शुक्र21:2322:23रात
बुध22:2323:23रात
चंद्र23:2300:24रात
शनि00:2401:24रात
गुरु01:2402:25रात
मंगल02:2503:25रात
सूर्य03:2504:25रात
शुक्र04:2505:26रात
बुध05:2606:26रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
2 नव॰ 2027विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
9 नव॰ 2027शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
11 नव॰ 2027प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
13 नव॰ 2027कार्तिक पूर्णिमापूर्णिमा
16 नव॰ 2027वृश्चिक संक्रांतिसूर्य का वृश्चिक में प्रवेश
17 नव॰ 2027संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
21 नव॰ 2027कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
23 नव॰ 2027कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
25 नव॰ 2027प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
27 नव॰ 2027मार्गशीर्ष अमावस्याअमावस्या

तिथियां पारामारिबो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2458° (लाहिड़ी)। समय पारामारिबो (America/Paramaribo) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।