18 अगस्त 2028 को पारामारिबो का पंचांग

शुक्रवार, 18 अगस्त 2028, पारामारिबो, Suriname। समय America/Paramaribo में है।

शुक्रवार, 18 अगस्त 2028 को पारामारिबो में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण त्रयोदशी (14:30 तक), नक्षत्र पुनर्वसु (06:48 तक) और योग व्यतीपात है। सूर्योदय 06:35 पर और सूर्यास्त 18:53 पर है। राहुकाल 11:12 से 12:44 तक है।

दिन और रात
दिन 06:35 – 18:53
रात 06:35 तक
तिथि
त्रयोदशी, 14:30 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
पुष्य, 04:32 तक
आश्लेषा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

18 अगस्त 2028 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी 14:30 तक
कृष्ण चतुर्दशी 11:17, 19 अग॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 04:32, 19 अग॰ तक
आश्लेषा 01:53, 20 अग॰ तक
योग
व्यतीपातअशुभ 00:37, 19 अग॰ तक
वरीयान 20:44, 19 अग॰ तक
करण
वणिज 14:30 तक
विष्टि (भद्रा) 00:57, 19 अग॰ तक
शकुनि 11:17, 19 अग॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:35
सूर्यास्त
18:53
चंद्रोदय
04:36
चंद्रास्त
17:21
दिनमान
12h 17m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
श्रावण
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:01 – 05:48
अभिजीत मुहूर्त
12:19 – 13:08

अशुभ समय

राहुकाल
11:12 – 12:44
यमगंड
15:48 – 17:20
गुलिक काल
08:07 – 09:39

18 अगस्त 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:35 – 08:07सामान्य
लाभ08:07 – 09:39शुभ
अमृत09:39 – 11:12शुभ
काल11:12 – 12:44टालें
शुभ12:44 – 14:16शुभ
रोग14:16 – 15:48टालें
उद्वेग15:48 – 17:20टालें
चर17:20 – 18:53सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:53 – 20:20टालें
काल20:20 – 21:48टालें
लाभ21:48 – 23:16शुभ
उद्वेग23:16 – 00:44टालें
शुभ00:44 – 02:12शुभ
अमृत02:12 – 03:39शुभ
चर03:39 – 05:07सामान्य
रोग05:07 – 06:35टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:3507:37दिन
बुध07:3708:38दिन
चंद्र08:3809:39दिन
शनि09:3910:41दिन
गुरु10:4111:42दिन
मंगल11:4212:44दिन
सूर्य12:4413:45दिन
शुक्र13:4514:47दिन
बुध14:4715:48दिन
चंद्र15:4816:50दिन
शनि16:5017:51दिन
गुरु17:5118:53दिन
मंगल18:5319:51रात
सूर्य19:5120:50रात
शुक्र20:5021:48रात
बुध21:4822:47रात
चंद्र22:4723:45रात
शनि23:4500:44रात
गुरु00:4401:42रात
मंगल01:4202:41रात
सूर्य02:4103:39रात
शुक्र03:3904:38रात
बुध04:3805:37रात
चंद्र05:3706:35रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
18 अग॰ 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
20 अग॰ 2028भाद्रपद अमावस्याअमावस्या
23 अग॰ 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
30 अग॰ 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
1 सित॰ 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
3 सित॰ 2028भाद्रपद पूर्णिमापूर्णिमा
7 सित॰ 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
12 सित॰ 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
14 सित॰ 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
16 सित॰ 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
16 सित॰ 2028कन्या संक्रांतिसूर्य का कन्या में प्रवेश

तिथियां पारामारिबो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2570° (लाहिड़ी)। समय पारामारिबो (America/Paramaribo) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।