30 जनवरी 2029 को पारामारिबो का पंचांग

मंगलवार, 30 जनवरी 2029, पारामारिबो, Suriname। समय America/Paramaribo में है।

मंगलवार, 30 जनवरी 2029 को पारामारिबो में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण प्रतिपदा (00:19, 31 जन॰ तक), नक्षत्र आश्लेषा (01:31, 31 जन॰ तक) और योग आयुष्मान है। सूर्योदय 06:57 पर और सूर्यास्त 18:50 पर है। राहुकाल 15:52 से 17:21 तक है।

दिन और रात
दिन 06:57 – 18:50
रात 06:57 तक
तिथि
प्रतिपदा, 00:19 तक
द्वितीया
नक्षत्र
आश्लेषा, 01:31 तक
मघा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

30 जनवरी 2029 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण प्रतिपदा 00:19, 31 जन॰ तक
कृष्ण द्वितीया 21:20, 31 जन॰ तक
नक्षत्र
आश्लेषा 01:31, 31 जन॰ तक
मघा 23:15, 31 जन॰ तक
योग
आयुष्मान 14:17 तक
सौभाग्य 10:43, 31 जन॰ तक
करण
बालव 13:43 तक
कौलव 00:19, 31 जन॰ तक
तैतिल 10:51, 31 जन॰ तक
चंद्र राशि
कर्क 01:31, 31 जन॰ तक
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:57
सूर्यास्त
18:50
चंद्रोदय
19:22
चंद्रास्त
07:05
दिनमान
11h 52m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:20 – 06:09
अभिजीत मुहूर्त
12:30 – 13:17

अशुभ समय

राहुकाल
15:52 – 17:21
यमगंड
09:55 – 11:24
गुलिक काल
12:54 – 14:23

30 जनवरी 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:57 – 08:26टालें
उद्वेग08:26 – 09:55टालें
चर09:55 – 11:24सामान्य
लाभ11:24 – 12:54शुभ
अमृत12:54 – 14:23शुभ
काल14:23 – 15:52टालें
शुभ15:52 – 17:21शुभ
रोग17:21 – 18:50टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:50 – 20:21टालें
लाभ20:21 – 21:52शुभ
उद्वेग21:52 – 23:23टालें
शुभ23:23 – 00:54शुभ
अमृत00:54 – 02:25शुभ
चर02:25 – 03:55सामान्य
रोग03:55 – 05:26टालें
काल05:26 – 06:57टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:5707:57दिन
सूर्य07:5708:56दिन
शुक्र08:5609:55दिन
बुध09:5510:55दिन
चंद्र10:5511:54दिन
शनि11:5412:54दिन
गुरु12:5413:53दिन
मंगल13:5314:52दिन
सूर्य14:5215:52दिन
शुक्र15:5216:51दिन
बुध16:5117:50दिन
चंद्र17:5018:50दिन
शनि18:5019:50रात
गुरु19:5020:51रात
मंगल20:5121:52रात
सूर्य21:5222:52रात
शुक्र22:5223:53रात
बुध23:5300:54रात
चंद्र00:5401:54रात
शनि01:5402:55रात
गुरु02:5503:55रात
मंगल03:5504:56रात
सूर्य04:5605:57रात
शुक्र05:5706:57रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
2 फ़र॰ 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
5 फ़र॰ 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
8 फ़र॰ 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
10 फ़र॰ 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
12 फ़र॰ 2029फाल्गुन अमावस्याअमावस्या
12 फ़र॰ 2029कुंभ संक्रांतिसूर्य का कुंभ में प्रवेश
17 फ़र॰ 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
24 फ़र॰ 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
26 फ़र॰ 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
28 फ़र॰ 2029फाल्गुन पूर्णिमापूर्णिमा

तिथियां पारामारिबो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2633° (लाहिड़ी)। समय पारामारिबो (America/Paramaribo) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।