17 अप्रैल 2029 को पारामारिबो का पंचांग

मंगलवार, 17 अप्रैल 2029, पारामारिबो, Suriname। समय America/Paramaribo में है।

मंगलवार, 17 अप्रैल 2029 को पारामारिबो में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्थी (03:01, 18 अप्रैल तक), नक्षत्र रोहिणी (05:11, 18 अप्रैल तक) और योग सौभाग्य है। सूर्योदय 06:32 पर और सूर्यास्त 18:47 पर है। राहुकाल 15:44 से 17:16 तक है।

दिन और रात
दिन 06:32 – 18:47
रात 06:31 तक
तिथि
चतुर्थी, 03:01 तक
पंचमी
नक्षत्र
रोहिणी, 05:11 तक
मृगशिरा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

17 अप्रैल 2029 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल चतुर्थी 03:01, 18 अप्रैल तक
शुक्ल पंचमी 04:17, 19 अप्रैल तक
नक्षत्र
रोहिणी 05:11, 18 अप्रैल तक
मृगशिरा 07:00, 19 अप्रैल तक
योग
सौभाग्य 21:21 तक
शोभन 21:25, 18 अप्रैल तक
करण
वणिज 14:13 तक
विष्टि (भद्रा) 03:01, 18 अप्रैल तक
बव 15:43, 18 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमेष
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:32
सूर्यास्त
18:47
चंद्रोदय
09:07
चंद्रास्त
21:54
दिनमान
12h 16m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:58 – 05:45
अभिजीत मुहूर्त
12:15 – 13:04

अशुभ समय

राहुकाल
15:44 – 17:16
यमगंड
09:36 – 11:08
गुलिक काल
12:40 – 14:12

17 अप्रैल 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:32 – 08:04टालें
उद्वेग08:04 – 09:36टालें
चर09:36 – 11:08सामान्य
लाभ11:08 – 12:40शुभ
अमृत12:40 – 14:12शुभ
काल14:12 – 15:44टालें
शुभ15:44 – 17:16शुभ
रोग17:16 – 18:47टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:47 – 20:15टालें
लाभ20:15 – 21:43शुभ
उद्वेग21:43 – 23:11टालें
शुभ23:11 – 00:39शुभ
अमृत00:39 – 02:07शुभ
चर02:07 – 03:35सामान्य
रोग03:35 – 05:03टालें
काल05:03 – 06:31टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:3207:33दिन
सूर्य07:3308:34दिन
शुक्र08:3409:36दिन
बुध09:3610:37दिन
चंद्र10:3711:38दिन
शनि11:3812:40दिन
गुरु12:4013:41दिन
मंगल13:4114:42दिन
सूर्य14:4215:44दिन
शुक्र15:4416:45दिन
बुध16:4517:46दिन
चंद्र17:4618:47दिन
शनि18:4719:46रात
गुरु19:4620:45रात
मंगल20:4521:43रात
सूर्य21:4322:42रात
शुक्र22:4223:41रात
बुध23:4100:39रात
चंद्र00:3901:38रात
शनि01:3802:37रात
गुरु02:3703:35रात
मंगल03:3504:34रात
सूर्य04:3405:33रात
शुक्र05:3306:31रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
17 अप्रैल 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
24 अप्रैल 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
26 अप्रैल 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
28 अप्रैल 2029चैत्र पूर्णिमापूर्णिमा
1 मई 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
5 मई 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
8 मई 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
10 मई 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
13 मई 2029वैशाख अमावस्याअमावस्या
14 मई 2029वृषभ संक्रांतिसूर्य का वृषभ में प्रवेश

तिथियां पारामारिबो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2663° (लाहिड़ी)। समय पारामारिबो (America/Paramaribo) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।