22 नवंबर 2029 को पारामारिबो का पंचांग

गुरुवार, 22 नवंबर 2029, पारामारिबो, Suriname। समय America/Paramaribo में है।

गुरुवार, 22 नवंबर 2029 को पारामारिबो में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वितीया (05:29, 23 नव॰ तक), नक्षत्र रोहिणी (14:08 तक) और योग शिव है। सूर्योदय 06:31 पर और सूर्यास्त 18:21 पर है। राहुकाल 13:55 से 15:24 तक है।

दिन और रात
दिन 06:31 – 18:21
रात 06:32 तक
तिथि
द्वितीया, 05:29 तक
नक्षत्र
रोहिणी, 14:08 तक
मृगशिरा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

22 नवंबर 2029 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण द्वितीया 05:29, 23 नव॰ तक
कृष्ण तृतीया 07:14, 24 नव॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 14:08 तक
मृगशिरा 16:34, 23 नव॰ तक
योग
शिव 08:28 तक
सिद्ध 08:56, 23 नव॰ तक
करण
तैतिल 16:28 तक
गर 05:29, 23 नव॰ तक
वणिज 18:24, 23 नव॰ तक
चंद्र राशि
वृषभ 03:23, 23 नव॰ तक
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:31
सूर्यास्त
18:21
चंद्रोदय
19:40
चंद्रास्त
07:35
दिनमान
11h 50m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:54 – 05:43
अभिजीत मुहूर्त
12:03 – 12:50

अशुभ समय

राहुकाल
13:55 – 15:24
यमगंड
06:31 – 08:00
गुलिक काल
09:29 – 10:58

22 नवंबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:31 – 08:00शुभ
रोग08:00 – 09:29टालें
उद्वेग09:29 – 10:58टालें
चर10:58 – 12:26सामान्य
लाभ12:26 – 13:55शुभ
अमृत13:55 – 15:24शुभ
काल15:24 – 16:53टालें
शुभ16:53 – 18:21शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:21 – 19:53शुभ
चर19:53 – 21:24सामान्य
रोग21:24 – 22:55टालें
काल22:55 – 00:27टालें
लाभ00:27 – 01:58शुभ
उद्वेग01:58 – 03:29टालें
शुभ03:29 – 05:00शुभ
अमृत05:00 – 06:32शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:3107:31दिन
मंगल07:3108:30दिन
सूर्य08:3009:29दिन
शुक्र09:2910:28दिन
बुध10:2811:27दिन
चंद्र11:2712:26दिन
शनि12:2613:26दिन
गुरु13:2614:25दिन
मंगल14:2515:24दिन
सूर्य15:2416:23दिन
शुक्र16:2317:22दिन
बुध17:2218:21दिन
चंद्र18:2119:22रात
शनि19:2220:23रात
गुरु20:2321:24रात
मंगल21:2422:25रात
सूर्य22:2523:26रात
शुक्र23:2600:27रात
बुध00:2701:27रात
चंद्र01:2702:28रात
शनि02:2803:29रात
गुरु03:2904:30रात
मंगल04:3005:31रात
सूर्य05:3106:32रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
25 नव॰ 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
29 नव॰ 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
1 दिस॰ 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
3 दिस॰ 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
5 दिस॰ 2029मार्गशीर्ष अमावस्याअमावस्या
8 दिस॰ 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
15 दिस॰ 2029धनु संक्रांतिसूर्य का धनु में प्रवेश
16 दिस॰ 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
18 दिस॰ 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
20 दिस॰ 2029मार्गशीर्ष पूर्णिमापूर्णिमा

तिथियां पारामारिबो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2746° (लाहिड़ी)। समय पारामारिबो (America/Paramaribo) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।