6 फ़रवरी 2025 को पर्थ का पंचांग

गुरुवार, 6 फ़रवरी 2025, पर्थ, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Perth में है।

गुरुवार, 6 फ़रवरी 2025 को पर्थ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल नवमी (01:23, 7 फ़र॰ तक), नक्षत्र कृत्तिका (21:59 तक) और योग ब्रह्म है। सूर्योदय 05:46 पर और सूर्यास्त 19:14 पर है। राहुकाल 14:11 से 15:52 तक है।

दिन और रात
दिन 05:46 – 19:14
रात 05:47 तक
तिथि
नवमी, 01:23 तक
दशमी
नक्षत्र
कृत्तिका, 21:59 तक
रोहिणी
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

6 फ़रवरी 2025 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल नवमी 01:23, 7 फ़र॰ तक
शुक्ल दशमी 23:56, 7 फ़र॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 21:10, 7 फ़र॰ तक
योग
ब्रह्म 21:11 तक
इंद्र 18:46, 7 फ़र॰ तक
करण
बालव 14:13 तक
कौलव 01:23, 7 फ़र॰ तक
तैतिल 12:38, 7 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:46
सूर्यास्त
19:14
चंद्रोदय
14:02
चंद्रास्त
इस दिन चंद्रास्त नहीं
दिनमान
13h 28m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:22 – 05:04
अभिजीत मुहूर्त
12:03 – 12:57

अशुभ समय

राहुकाल
14:11 – 15:52
यमगंड
05:46 – 07:27
गुलिक काल
09:08 – 10:49

6 फ़रवरी 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:46 – 07:27शुभ
रोग07:27 – 09:08टालें
उद्वेग09:08 – 10:49टालें
चर10:49 – 12:30सामान्य
लाभ12:30 – 14:11शुभ
अमृत14:11 – 15:52शुभ
काल15:52 – 17:33टालें
शुभ17:33 – 19:14शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत19:14 – 20:33शुभ
चर20:33 – 21:52सामान्य
रोग21:52 – 23:11टालें
काल23:11 – 00:30टालें
लाभ00:30 – 01:49शुभ
उद्वेग01:49 – 03:08टालें
शुभ03:08 – 04:28शुभ
अमृत04:28 – 05:47शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:4606:53दिन
मंगल06:5308:00दिन
सूर्य08:0009:08दिन
शुक्र09:0810:15दिन
बुध10:1511:22दिन
चंद्र11:2212:30दिन
शनि12:3013:37दिन
गुरु13:3714:45दिन
मंगल14:4515:52दिन
सूर्य15:5216:59दिन
शुक्र16:5918:07दिन
बुध18:0719:14दिन
चंद्र19:1420:07रात
शनि20:0720:59रात
गुरु20:5921:52रात
मंगल21:5222:45रात
सूर्य22:4523:38रात
शुक्र23:3800:30रात
बुध00:3001:23रात
चंद्र01:2302:16रात
शनि02:1603:08रात
गुरु03:0804:01रात
मंगल04:0104:54रात
सूर्य04:5405:47रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
8 फ़र॰ 2025शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
10 फ़र॰ 2025प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
12 फ़र॰ 2025माघ पूर्णिमापूर्णिमा
13 फ़र॰ 2025कुंभ संक्रांतिसूर्य का कुंभ में प्रवेश
16 फ़र॰ 2025संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
21 फ़र॰ 2025कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
24 फ़र॰ 2025कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
26 फ़र॰ 2025प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
28 फ़र॰ 2025फाल्गुन अमावस्याअमावस्या
3 मार्च 2025विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी

तिथियां पर्थ में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2077° (लाहिड़ी)। समय पर्थ (Australia/Perth) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।