2 जनवरी 2029 को पर्थ का पंचांग

मंगलवार, 2 जनवरी 2029, पर्थ, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Perth में है।

मंगलवार, 2 जनवरी 2029 को पर्थ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वितीया (21:36 तक), नक्षत्र पुनर्वसु (06:27 तक) और योग वैधृति है। सूर्योदय 05:14 पर और सूर्यास्त 19:26 पर है। राहुकाल 15:53 से 17:39 तक है।

दिन और रात
दिन 05:14 – 19:26
रात 05:15 तक
तिथि
द्वितीया, 21:36 तक
तृतीया
नक्षत्र
पुष्य, 05:14 तक
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

2 जनवरी 2029 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण द्वितीया 21:36 तक
कृष्ण तृतीया 19:33, 3 जन॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 05:14, 3 जन॰ तक
आश्लेषा 03:48, 4 जन॰ तक
योग
वैधृतिअशुभ 21:02 तक
विष्कंभअशुभ 18:08, 3 जन॰ तक
करण
तैतिल 10:32 तक
गर 21:36 तक
वणिज 08:36, 3 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:14
सूर्यास्त
19:26
चंद्रोदय
20:42
चंद्रास्त
06:35
दिनमान
14h 11m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:56 – 04:35
अभिजीत मुहूर्त
11:52 – 12:48

अशुभ समय

राहुकाल
15:53 – 17:39
यमगंड
08:47 – 10:34
गुलिक काल
12:20 – 14:06

2 जनवरी 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग05:14 – 07:01टालें
उद्वेग07:01 – 08:47टालें
चर08:47 – 10:34सामान्य
लाभ10:34 – 12:20शुभ
अमृत12:20 – 14:06शुभ
काल14:06 – 15:53टालें
शुभ15:53 – 17:39शुभ
रोग17:39 – 19:26टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल19:26 – 20:39टालें
लाभ20:39 – 21:53शुभ
उद्वेग21:53 – 23:07टालें
शुभ23:07 – 00:20शुभ
अमृत00:20 – 01:34शुभ
चर01:34 – 02:48सामान्य
रोग02:48 – 04:01टालें
काल04:01 – 05:15टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल05:1406:25दिन
सूर्य06:2507:36दिन
शुक्र07:3608:47दिन
बुध08:4709:58दिन
चंद्र09:5811:09दिन
शनि11:0912:20दिन
गुरु12:2013:31दिन
मंगल13:3114:42दिन
सूर्य14:4215:53दिन
शुक्र15:5317:04दिन
बुध17:0418:15दिन
चंद्र18:1519:26दिन
शनि19:2620:15रात
गुरु20:1521:04रात
मंगल21:0421:53रात
सूर्य21:5322:42रात
शुक्र22:4223:31रात
बुध23:3100:20रात
चंद्र00:2001:09रात
शनि01:0901:59रात
गुरु01:5902:48रात
मंगल02:4803:37रात
सूर्य03:3704:26रात
शुक्र04:2605:15रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
4 जन॰ 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
8 जन॰ 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
10 जन॰ 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
12 जन॰ 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
14 जन॰ 2029माघ अमावस्याअमावस्या
14 जन॰ 2029मकर संक्रांतिसूर्य का मकर में प्रवेश
18 जन॰ 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
26 जन॰ 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
28 जन॰ 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
30 जन॰ 2029माघ पूर्णिमापूर्णिमा

तिथियां पर्थ में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2622° (लाहिड़ी)। समय पर्थ (Australia/Perth) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।