27 दिसंबर 2024 को रियाद का पंचांग

शुक्रवार, 27 दिसंबर 2024, रियाद, Saudi Arabia। समय Asia/Riyadh में है।

शुक्रवार, 27 दिसंबर 2024 को रियाद में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वादशी (23:57 तक), नक्षत्र विशाखा (17:58 तक) और योग धृति है। सूर्योदय 06:35 पर और सूर्यास्त 17:12 पर है। राहुकाल 10:34 से 11:54 तक है।

दिन और रात
दिन 06:35 – 17:12
रात 06:36 तक
तिथि
द्वादशी, 23:57 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
विशाखा, 17:58 तक
अनुराधा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

27 दिसंबर 2024 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण द्वादशी 23:57 तक
कृष्ण त्रयोदशी 01:03, 29 दिस॰ तक
नक्षत्र
विशाखा 17:58 तक
अनुराधा 19:43, 28 दिस॰ तक
योग
धृति 20:07 तक
शूलअशुभ 19:53, 28 दिस॰ तक
करण
कौलव 11:10 तक
तैतिल 23:57 तक
गर 12:34, 28 दिस॰ तक
चंद्र राशि
तुला 11:26 तक
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:35
सूर्यास्त
17:12
चंद्रोदय
03:17
चंद्रास्त
14:10
दिनमान
10h 37m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:48 – 05:42
अभिजीत मुहूर्त
11:33 – 12:15

अशुभ समय

राहुकाल
10:34 – 11:54
यमगंड
14:33 – 15:53
गुलिक काल
07:55 – 09:15

27 दिसंबर 2024 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:35 – 07:55सामान्य
लाभ07:55 – 09:15शुभ
अमृत09:15 – 10:34शुभ
काल10:34 – 11:54टालें
शुभ11:54 – 13:13शुभ
रोग13:13 – 14:33टालें
उद्वेग14:33 – 15:53टालें
चर15:53 – 17:12सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:12 – 18:53टालें
काल18:53 – 20:33टालें
लाभ20:33 – 22:14शुभ
उद्वेग22:14 – 23:54टालें
शुभ23:54 – 01:34शुभ
अमृत01:34 – 03:15शुभ
चर03:15 – 04:55सामान्य
रोग04:55 – 06:36टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:3507:28दिन
बुध07:2808:21दिन
चंद्र08:2109:15दिन
शनि09:1510:08दिन
गुरु10:0811:01दिन
मंगल11:0111:54दिन
सूर्य11:5412:47दिन
शुक्र12:4713:40दिन
बुध13:4014:33दिन
चंद्र14:3315:26दिन
शनि15:2616:19दिन
गुरु16:1917:12दिन
मंगल17:1218:19रात
सूर्य18:1919:26रात
शुक्र19:2620:33रात
बुध20:3321:40रात
चंद्र21:4022:47रात
शनि22:4723:54रात
गुरु23:5401:01रात
मंगल01:0102:08रात
सूर्य02:0803:15रात
शुक्र03:1504:22रात
बुध04:2205:29रात
चंद्र05:2906:36रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
28 दिस॰ 2024प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
30 दिस॰ 2024पौष अमावस्याअमावस्या
3 जन॰ 2025विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
10 जन॰ 2025शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
11 जन॰ 2025प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
13 जन॰ 2025पौष पूर्णिमापूर्णिमा
14 जन॰ 2025मकर संक्रांतिसूर्य का मकर में प्रवेश
17 जन॰ 2025संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
22 जन॰ 2025कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
25 जन॰ 2025कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी

तिथियां रियाद में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2061° (लाहिड़ी)। समय रियाद (Asia/Riyadh) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।