6 सितंबर 2025 को रियाद का पंचांग

शनिवार, 6 सितंबर 2025, रियाद, Saudi Arabia। समय Asia/Riyadh में है।

शनिवार, 6 सितंबर 2025 को रियाद में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्दशी (23:11 तक), नक्षत्र धनिष्ठा (20:25 तक) और योग अतिगंड है। सूर्योदय 05:36 पर और सूर्यास्त 18:06 पर है। राहुकाल 08:43 से 10:17 तक है।

दिन और रात
दिन 05:36 – 18:06
रात 05:36 तक
तिथि
चतुर्दशी, 23:11 तक
पूर्णिमा
नक्षत्र
धनिष्ठा, 20:25 तक
शतभिषा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

6 सितंबर 2025 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल चतुर्दशी 23:11 तक
पूर्णिमा 21:08, 7 सित॰ तक
नक्षत्र
शतभिषा 19:11, 7 सित॰ तक
योग
अतिगंडअशुभ 09:21 तक
सुकर्मा 06:52, 7 सित॰ तक
करण
गर 12:01 तक
वणिज 23:11 तक
विष्टि (भद्रा) 10:13, 7 सित॰ तक
चंद्र राशि
मकर 08:51 तक
सूर्य राशिसिंह
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:36
सूर्यास्त
18:06
चंद्रोदय
17:22
चंद्रास्त
03:57
दिनमान
12h 30m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:04 – 04:50
अभिजीत मुहूर्त
11:26 – 12:16

अशुभ समय

राहुकाल
08:43 – 10:17
यमगंड
13:25 – 14:58
गुलिक काल
05:36 – 07:09

6 सितंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:36 – 07:09टालें
शुभ07:09 – 08:43शुभ
रोग08:43 – 10:17टालें
उद्वेग10:17 – 11:51टालें
चर11:51 – 13:25सामान्य
लाभ13:25 – 14:58शुभ
अमृत14:58 – 16:32शुभ
काल16:32 – 18:06टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:06 – 19:32शुभ
उद्वेग19:32 – 20:58टालें
शुभ20:58 – 22:25शुभ
अमृत22:25 – 23:51शुभ
चर23:51 – 01:17सामान्य
रोग01:17 – 02:43टालें
काल02:43 – 04:10टालें
लाभ04:10 – 05:36शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:3606:38दिन
गुरु06:3807:41दिन
मंगल07:4108:43दिन
सूर्य08:4309:46दिन
शुक्र09:4610:48दिन
बुध10:4811:51दिन
चंद्र11:5112:53दिन
शनि12:5313:56दिन
गुरु13:5614:58दिन
मंगल14:5816:01दिन
सूर्य16:0117:03दिन
शुक्र17:0318:06दिन
बुध18:0619:03रात
चंद्र19:0320:01रात
शनि20:0120:58रात
गुरु20:5821:56रात
मंगल21:5622:53रात
सूर्य22:5323:51रात
शुक्र23:5100:48रात
बुध00:4801:46रात
चंद्र01:4602:43रात
शनि02:4303:41रात
गुरु03:4104:38रात
मंगल04:3805:36रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
7 सित॰ 2025भाद्रपद पूर्णिमापूर्णिमा
11 सित॰ 2025संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
14 सित॰ 2025कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
16 सित॰ 2025कन्या संक्रांतिसूर्य का कन्या में प्रवेश
17 सित॰ 2025कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
19 सित॰ 2025प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
21 सित॰ 2025आश्विन अमावस्याअमावस्या
25 सित॰ 2025विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
3 अक्टू॰ 2025शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
5 अक्टू॰ 2025प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी

तिथियां रियाद में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2158° (लाहिड़ी)। समय रियाद (Asia/Riyadh) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।