8 नवंबर 2026 को रियाद का पंचांग

रविवार, 8 नवंबर 2026, रियाद, Saudi Arabia। समय Asia/Riyadh में है।

रविवार, 8 नवंबर 2026 को रियाद में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्दशी (08:58 तक), नक्षत्र स्वाति (04:54, 9 नव॰ तक) और योग आयुष्मान है। सूर्योदय 06:04 पर और सूर्यास्त 17:09 पर है। राहुकाल 15:45 से 17:09 तक है।

दिन और रात
दिन 06:04 – 17:09
रात 06:05 तक
तिथि
अमावस्या
नक्षत्र
स्वाति, 04:54 तक
विशाखा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

8 नवंबर 2026 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण चतुर्दशी 08:58 तक
अमावस्या 10:02, 9 नव॰ तक
नक्षत्र
स्वाति 04:54, 9 नव॰ तक
विशाखा 06:49, 10 नव॰ तक
योग
आयुष्मान 00:33, 9 नव॰ तक
सौभाग्य 00:27, 10 नव॰ तक
करण
शकुनि 08:58 तक
चतुष्पद 21:27 तक
नाग 10:02, 9 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:04
सूर्यास्त
17:09
चंद्रोदय
05:07
चंद्रास्त
16:21
दिनमान
11h 5m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:21 – 05:12
अभिजीत मुहूर्त
11:14 – 11:58

अशुभ समय

राहुकाल
15:45 – 17:09
यमगंड
11:36 – 12:59
गुलिक काल
14:22 – 15:45

8 नवंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:04 – 07:27टालें
चर07:27 – 08:50सामान्य
लाभ08:50 – 10:13शुभ
अमृत10:13 – 11:36शुभ
काल11:36 – 12:59टालें
शुभ12:59 – 14:22शुभ
रोग14:22 – 15:45टालें
उद्वेग15:45 – 17:09टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:09 – 18:46शुभ
अमृत18:46 – 20:23शुभ
चर20:23 – 22:00सामान्य
रोग22:00 – 23:37टालें
काल23:37 – 01:14टालें
लाभ01:14 – 02:51शुभ
उद्वेग02:51 – 04:28टालें
शुभ04:28 – 06:05शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:0406:59दिन
शुक्र06:5907:55दिन
बुध07:5508:50दिन
चंद्र08:5009:45दिन
शनि09:4510:41दिन
गुरु10:4111:36दिन
मंगल11:3612:32दिन
सूर्य12:3213:27दिन
शुक्र13:2714:22दिन
बुध14:2215:18दिन
चंद्र15:1816:13दिन
शनि16:1317:09दिन
गुरु17:0918:13रात
मंगल18:1319:18रात
सूर्य19:1820:23रात
शुक्र20:2321:27रात
बुध21:2722:32रात
चंद्र22:3223:37रात
शनि23:3700:41रात
गुरु00:4101:46रात
मंगल01:4602:51रात
सूर्य02:5103:55रात
शुक्र03:5505:00रात
बुध05:0006:05रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
9 नव॰ 2026कार्तिक अमावस्याअमावस्या
13 नव॰ 2026विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
16 नव॰ 2026वृश्चिक संक्रांतिसूर्य का वृश्चिक में प्रवेश
20 नव॰ 2026शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
22 नव॰ 2026प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
24 नव॰ 2026कार्तिक पूर्णिमापूर्णिमा
27 नव॰ 2026संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
1 दिस॰ 2026कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
4 दिस॰ 2026कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
6 दिस॰ 2026प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी

तिथियां रियाद में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2322° (लाहिड़ी)। समय रियाद (Asia/Riyadh) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।