8 अप्रैल 2027 को रियाद का पंचांग

गुरुवार, 8 अप्रैल 2027, रियाद, Saudi Arabia। समय Asia/Riyadh में है।

गुरुवार, 8 अप्रैल 2027 को रियाद में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वितीया (00:40, 9 अप्रैल तक), नक्षत्र अश्विनी (15:29 तक) और योग विष्कंभ है। सूर्योदय 05:38 पर और सूर्यास्त 18:12 पर है। राहुकाल 13:29 से 15:03 तक है।

दिन और रात
दिन 05:38 – 18:12
रात 05:37 तक
तिथि
द्वितीया, 00:40 तक
तृतीया
नक्षत्र
अश्विनी, 15:29 तक
भरणी
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

8 अप्रैल 2027 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल द्वितीया 00:40, 9 अप्रैल तक
शुक्ल तृतीया 23:02, 9 अप्रैल तक
नक्षत्र
भरणी 14:41, 9 अप्रैल तक
योग
विष्कंभअशुभ 00:55, 9 अप्रैल तक
प्रीति 22:29, 9 अप्रैल तक
करण
बालव 13:22 तक
कौलव 00:40, 9 अप्रैल तक
तैतिल 11:53, 9 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:38
सूर्यास्त
18:12
चंद्रोदय
06:10
चंद्रास्त
19:46
दिनमान
12h 34m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:06 – 04:52
अभिजीत मुहूर्त
11:30 – 12:20

अशुभ समय

राहुकाल
13:29 – 15:03
यमगंड
05:38 – 07:12
गुलिक काल
08:46 – 10:21

8 अप्रैल 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:38 – 07:12शुभ
रोग07:12 – 08:46टालें
उद्वेग08:46 – 10:21टालें
चर10:21 – 11:55सामान्य
लाभ11:55 – 13:29शुभ
अमृत13:29 – 15:03शुभ
काल15:03 – 16:37टालें
शुभ16:37 – 18:12शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:12 – 19:37शुभ
चर19:37 – 21:03सामान्य
रोग21:03 – 22:29टालें
काल22:29 – 23:54टालें
लाभ23:54 – 01:20शुभ
उद्वेग01:20 – 02:46टालें
शुभ02:46 – 04:11शुभ
अमृत04:11 – 05:37शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:3806:41दिन
मंगल06:4107:43दिन
सूर्य07:4308:46दिन
शुक्र08:4609:49दिन
बुध09:4910:52दिन
चंद्र10:5211:55दिन
शनि11:5512:58दिन
गुरु12:5814:00दिन
मंगल14:0015:03दिन
सूर्य15:0316:06दिन
शुक्र16:0617:09दिन
बुध17:0918:12दिन
चंद्र18:1219:09रात
शनि19:0920:06रात
गुरु20:0621:03रात
मंगल21:0322:00रात
सूर्य22:0022:57रात
शुक्र22:5723:54रात
बुध23:5400:51रात
चंद्र00:5101:48रात
शनि01:4802:46रात
गुरु02:4603:43रात
मंगल03:4304:40रात
सूर्य04:4005:37रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
10 अप्रैल 2027विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
14 अप्रैल 2027मेष संक्रांतिसूर्य का मेष में प्रवेश
17 अप्रैल 2027शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
18 अप्रैल 2027प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
20 अप्रैल 2027चैत्र पूर्णिमापूर्णिमा
24 अप्रैल 2027संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
29 अप्रैल 2027कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
2 मई 2027कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
4 मई 2027प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
6 मई 2027वैशाख अमावस्याअमावस्या

तिथियां रियाद में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2379° (लाहिड़ी)। समय रियाद (Asia/Riyadh) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।