13 मार्च 2028 को रियाद का पंचांग

सोमवार, 13 मार्च 2028, रियाद, Saudi Arabia। समय Asia/Riyadh में है।

सोमवार, 13 मार्च 2028 को रियाद में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण तृतीया (18:09 तक), नक्षत्र चित्रा (20:24 तक) और योग ध्रुव है। सूर्योदय 06:03 पर और सूर्यास्त 18:01 पर है। राहुकाल 07:33 से 09:03 तक है।

दिन और रात
दिन 06:03 – 18:01
रात 06:02 तक
तिथि
तृतीया, 18:09 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
चित्रा, 20:24 तक
स्वाति
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

13 मार्च 2028 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण तृतीया 18:09 तक
कृष्ण चतुर्थी 15:53, 14 मार्च तक
नक्षत्र
चित्रा 20:24 तक
स्वाति 18:56, 14 मार्च तक
योग
ध्रुव 02:33, 14 मार्च तक
व्याघातअशुभ 23:45, 14 मार्च तक
करण
वणिज 07:33 तक
विष्टि (भद्रा) 18:09 तक
बव 04:56, 14 मार्च तक
बालव 15:53, 14 मार्च तक
चंद्र राशि
कन्या 09:24 तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:03
सूर्यास्त
18:01
चंद्रोदय
20:46
चंद्रास्त
07:18
दिनमान
11h 57m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:27 – 05:15
अभिजीत मुहूर्त
11:38 – 12:26

अशुभ समय

राहुकाल
07:33 – 09:03
यमगंड
10:32 – 12:02
गुलिक काल
13:32 – 15:01

13 मार्च 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:03 – 07:33शुभ
काल07:33 – 09:03टालें
शुभ09:03 – 10:32शुभ
रोग10:32 – 12:02टालें
उद्वेग12:02 – 13:32टालें
चर13:32 – 15:01सामान्य
लाभ15:01 – 16:31शुभ
अमृत16:31 – 18:01शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:01 – 19:31सामान्य
रोग19:31 – 21:01टालें
काल21:01 – 22:31टालें
लाभ22:31 – 00:02शुभ
उद्वेग00:02 – 01:32टालें
शुभ01:32 – 03:02शुभ
अमृत03:02 – 04:32शुभ
चर04:32 – 06:02सामान्य

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:0307:03दिन
शनि07:0308:03दिन
गुरु08:0309:03दिन
मंगल09:0310:03दिन
सूर्य10:0311:02दिन
शुक्र11:0212:02दिन
बुध12:0213:02दिन
चंद्र13:0214:02दिन
शनि14:0215:01दिन
गुरु15:0116:01दिन
मंगल16:0117:01दिन
सूर्य17:0118:01दिन
शुक्र18:0119:01रात
बुध19:0120:01रात
चंद्र20:0121:01रात
शनि21:0122:01रात
गुरु22:0123:01रात
मंगल23:0100:02रात
सूर्य00:0201:02रात
शुक्र01:0202:02रात
बुध02:0203:02रात
चंद्र03:0204:02रात
शनि04:0205:02रात
गुरु05:0206:02रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
14 मार्च 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
14 मार्च 2028मीन संक्रांतिसूर्य का मीन में प्रवेश
18 मार्च 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
21 मार्च 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
23 मार्च 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
25 मार्च 2028चैत्र अमावस्याअमावस्या
30 मार्च 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
5 अप्रैल 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
7 अप्रैल 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
9 अप्रैल 2028चैत्र पूर्णिमापूर्णिमा

तिथियां रियाद में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2509° (लाहिड़ी)। समय रियाद (Asia/Riyadh) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।