5 नवंबर 2028 को रियाद का पंचांग

रविवार, 5 नवंबर 2028, रियाद, Saudi Arabia। समय Asia/Riyadh में है।

रविवार, 5 नवंबर 2028 को रियाद में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण तृतीया (15:03 तक), नक्षत्र रोहिणी (11:17 तक) और योग परिघ है। सूर्योदय 06:02 पर और सूर्यास्त 17:10 पर है। राहुकाल 15:46 से 17:10 तक है।

दिन और रात
दिन 06:02 – 17:10
रात 06:03 तक
तिथि
तृतीया, 15:03 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
रोहिणी, 11:17 तक
मृगशिरा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

5 नवंबर 2028 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण तृतीया 15:03 तक
कृष्ण चतुर्थी 15:13, 6 नव॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 11:17 तक
मृगशिरा 12:07, 6 नव॰ तक
योग
परिघअशुभ 12:42 तक
शिव 11:44, 6 नव॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 15:03 तक
बव 03:11, 6 नव॰ तक
बालव 15:13, 6 नव॰ तक
चंद्र राशि
वृषभ 23:45 तक
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:02
सूर्यास्त
17:10
चंद्रोदय
19:26
चंद्रास्त
08:41
दिनमान
11h 8m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:19 – 05:11
अभिजीत मुहूर्त
11:14 – 11:58

अशुभ समय

राहुकाल
15:46 – 17:10
यमगंड
11:36 – 13:00
गुलिक काल
14:23 – 15:46

5 नवंबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:02 – 07:26टालें
चर07:26 – 08:49सामान्य
लाभ08:49 – 10:13शुभ
अमृत10:13 – 11:36शुभ
काल11:36 – 13:00टालें
शुभ13:00 – 14:23शुभ
रोग14:23 – 15:46टालें
उद्वेग15:46 – 17:10टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:10 – 18:47शुभ
अमृत18:47 – 20:23शुभ
चर20:23 – 22:00सामान्य
रोग22:00 – 23:36टालें
काल23:36 – 01:13टालें
लाभ01:13 – 02:50शुभ
उद्वेग02:50 – 04:26टालें
शुभ04:26 – 06:03शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:0206:58दिन
शुक्र06:5807:54दिन
बुध07:5408:49दिन
चंद्र08:4909:45दिन
शनि09:4510:40दिन
गुरु10:4011:36दिन
मंगल11:3612:32दिन
सूर्य12:3213:27दिन
शुक्र13:2714:23दिन
बुध14:2315:19दिन
चंद्र15:1916:14दिन
शनि16:1417:10दिन
गुरु17:1018:14रात
मंगल18:1419:19रात
सूर्य19:1920:23रात
शुक्र20:2321:28रात
बुध21:2822:32रात
चंद्र22:3223:36रात
शनि23:3600:41रात
गुरु00:4101:45रात
मंगल01:4502:50रात
सूर्य02:5003:54रात
शुक्र03:5404:58रात
बुध04:5806:03रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
6 नव॰ 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
10 नव॰ 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
12 नव॰ 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
14 नव॰ 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
16 नव॰ 2028मार्गशीर्ष अमावस्याअमावस्या
16 नव॰ 2028वृश्चिक संक्रांतिसूर्य का वृश्चिक में प्रवेश
20 नव॰ 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
27 नव॰ 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
29 नव॰ 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
1 दिस॰ 2028मार्गशीर्ष पूर्णिमापूर्णिमा

तिथियां रियाद में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2600° (लाहिड़ी)। समय रियाद (Asia/Riyadh) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।