26 अप्रैल 2029 को रियाद का पंचांग

गुरुवार, 26 अप्रैल 2029, रियाद, Saudi Arabia। समय Asia/Riyadh में है।

गुरुवार, 26 अप्रैल 2029 को रियाद में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल त्रयोदशी (21:14 तक), नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी (07:43 तक) और योग व्याघात है। सूर्योदय 05:21 पर और सूर्यास्त 18:20 पर है। राहुकाल 13:28 से 15:05 तक है।

दिन और रात
दिन 05:21 – 18:20
रात 05:20 तक
तिथि
त्रयोदशी, 21:14 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
हस्त, 04:49 तक
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

26 अप्रैल 2029 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल त्रयोदशी 21:14 तक
शुक्ल चतुर्दशी 17:25, 27 अप्रैल तक
नक्षत्र
हस्त 04:49, 27 अप्रैल तक
चित्रा 01:48, 28 अप्रैल तक
योग
व्याघातअशुभ 09:45 तक
हर्षण 05:34, 27 अप्रैल तक
करण
कौलव 11:05 तक
तैतिल 21:14 तक
गर 07:20, 27 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमेष
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:21
सूर्यास्त
18:20
चंद्रोदय
16:17
चंद्रास्त
03:23
दिनमान
12h 59m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:53 – 04:37
अभिजीत मुहूर्त
11:25 – 12:17

अशुभ समय

राहुकाल
13:28 – 15:05
यमगंड
05:21 – 06:59
गुलिक काल
08:36 – 10:13

26 अप्रैल 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:21 – 06:59शुभ
रोग06:59 – 08:36टालें
उद्वेग08:36 – 10:13टालें
चर10:13 – 11:51सामान्य
लाभ11:51 – 13:28शुभ
अमृत13:28 – 15:05शुभ
काल15:05 – 16:43टालें
शुभ16:43 – 18:20शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:20 – 19:42शुभ
चर19:42 – 21:05सामान्य
रोग21:05 – 22:28टालें
काल22:28 – 23:50टालें
लाभ23:50 – 01:13शुभ
उद्वेग01:13 – 02:35टालें
शुभ02:35 – 03:58शुभ
अमृत03:58 – 05:20शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:2106:26दिन
मंगल06:2607:31दिन
सूर्य07:3108:36दिन
शुक्र08:3609:41दिन
बुध09:4110:46दिन
चंद्र10:4611:51दिन
शनि11:5112:55दिन
गुरु12:5514:00दिन
मंगल14:0015:05दिन
सूर्य15:0516:10दिन
शुक्र16:1017:15दिन
बुध17:1518:20दिन
चंद्र18:2019:15रात
शनि19:1520:10रात
गुरु20:1021:05रात
मंगल21:0522:00रात
सूर्य22:0022:55रात
शुक्र22:5523:50रात
बुध23:5000:45रात
चंद्र00:4501:40रात
शनि01:4002:35रात
गुरु02:3503:30रात
मंगल03:3004:25रात
सूर्य04:2505:20रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
26 अप्रैल 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
28 अप्रैल 2029चैत्र पूर्णिमापूर्णिमा
1 मई 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
5 मई 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
8 मई 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
11 मई 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
13 मई 2029वैशाख अमावस्याअमावस्या
14 मई 2029वृषभ संक्रांतिसूर्य का वृषभ में प्रवेश
17 मई 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
24 मई 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
25 मई 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी

तिथियां रियाद में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2666° (लाहिड़ी)। समय रियाद (Asia/Riyadh) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।