5 जनवरी 2025 को सिएटल का पंचांग

रविवार, 5 जनवरी 2025, सिएटल, संयुक्त राज्य। समय America/Los_Angeles में है।

रविवार, 5 जनवरी 2025 को सिएटल में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल सप्तमी (04:54, 6 जन॰ तक), नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद (05:36, 6 जन॰ तक) और योग वरीयान है। सूर्योदय 07:57 पर और सूर्यास्त 16:33 पर है। राहुकाल 15:28 से 16:33 तक है।

दिन और रात
दिन 07:57 – 16:33
रात 07:56 तक
तिथि
सप्तमी, 04:54 तक
अष्टमी
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद, 05:36 तक
रेवती
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

5 जनवरी 2025 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल सप्तमी 04:54, 6 जन॰ तक
शुक्ल अष्टमी 02:57, 7 जन॰ तक
नक्षत्र
रेवती 04:20, 7 जन॰ तक
योग
वरीयान 15:20 तक
परिघअशुभ 12:35, 6 जन॰ तक
करण
गर 17:50 तक
वणिज 04:54, 6 जन॰ तक
विष्टि (भद्रा) 15:56, 6 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:57
सूर्यास्त
16:33
चंद्रोदय
11:08
चंद्रास्त
23:45
दिनमान
8h 36m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:53 – 06:55
अभिजीत मुहूर्त
11:57 – 12:32

अशुभ समय

राहुकाल
15:28 – 16:33
यमगंड
12:15 – 13:19
गुलिक काल
14:24 – 15:28

5 जनवरी 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग07:57 – 09:01टालें
चर09:01 – 10:06सामान्य
लाभ10:06 – 11:10शुभ
अमृत11:10 – 12:15शुभ
काल12:15 – 13:19टालें
शुभ13:19 – 14:24शुभ
रोग14:24 – 15:28टालें
उद्वेग15:28 – 16:33टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ16:33 – 18:28शुभ
अमृत18:28 – 20:24शुभ
चर20:24 – 22:19सामान्य
रोग22:19 – 00:14टालें
काल00:14 – 02:10टालें
लाभ02:10 – 04:05शुभ
उद्वेग04:05 – 06:01टालें
शुभ06:01 – 07:56शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य07:5708:40दिन
शुक्र08:4009:23दिन
बुध09:2310:06दिन
चंद्र10:0610:49दिन
शनि10:4911:32दिन
गुरु11:3212:15दिन
मंगल12:1512:58दिन
सूर्य12:5813:41दिन
शुक्र13:4114:24दिन
बुध14:2415:07दिन
चंद्र15:0715:50दिन
शनि15:5016:33दिन
गुरु16:3317:50रात
मंगल17:5019:07रात
सूर्य19:0720:24रात
शुक्र20:2421:41रात
बुध21:4122:58रात
चंद्र22:5800:14रात
शनि00:1401:31रात
गुरु01:3102:48रात
मंगल02:4804:05रात
सूर्य04:0505:22रात
शुक्र05:2206:39रात
बुध06:3907:56रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
9 जन॰ 2025शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
11 जन॰ 2025प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
13 जन॰ 2025पौष पूर्णिमापूर्णिमा
13 जन॰ 2025मकर संक्रांतिसूर्य का मकर में प्रवेश
17 जन॰ 2025संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
21 जन॰ 2025कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
24 जन॰ 2025कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
26 जन॰ 2025प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
28 जन॰ 2025माघ अमावस्याअमावस्या
1 फ़र॰ 2025विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी

तिथियां सिएटल में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2065° (लाहिड़ी)। समय सिएटल (America/Los_Angeles) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।