24 अक्टूबर 2026 को सिएटल का पंचांग

शनिवार, 24 अक्टूबर 2026, सिएटल, संयुक्त राज्य। समय America/Los_Angeles में है।

शनिवार, 24 अक्टूबर 2026 को सिएटल में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्दशी (23:26 तक), नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद (08:02 तक) और योग हर्षण है। सूर्योदय 07:41 पर और सूर्यास्त 18:04 पर है। राहुकाल 10:17 से 11:35 तक है।

दिन और रात
दिन 07:41 – 18:04
रात 07:43 तक
तिथि
चतुर्दशी, 23:26 तक
पूर्णिमा
नक्षत्र
रेवती, 06:52 तक
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

24 अक्टूबर 2026 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल चतुर्दशी 23:26 तक
पूर्णिमा 21:11, 25 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
रेवती 06:52, 25 अक्टू॰ तक
अश्विनी 05:11, 26 अक्टू॰ तक
योग
हर्षण 04:52, 25 अक्टू॰ तक
वज्रअशुभ 01:47, 26 अक्टू॰ तक
करण
गर 12:21 तक
वणिज 23:26 तक
विष्टि (भद्रा) 10:22, 25 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
मीन 06:52, 25 अक्टू॰ तक
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:41
सूर्यास्त
18:04
चंद्रोदय
17:06
चंद्रास्त
05:57
दिनमान
10h 23m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:52 – 06:47
अभिजीत मुहूर्त
12:32 – 13:13

अशुभ समय

राहुकाल
10:17 – 11:35
यमगंड
14:10 – 15:28
गुलिक काल
07:41 – 08:59

24 अक्टूबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल07:41 – 08:59टालें
शुभ08:59 – 10:17शुभ
रोग10:17 – 11:35टालें
उद्वेग11:35 – 12:53टालें
चर12:53 – 14:10सामान्य
लाभ14:10 – 15:28शुभ
अमृत15:28 – 16:46शुभ
काल16:46 – 18:04टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:04 – 19:46शुभ
उद्वेग19:46 – 21:29टालें
शुभ21:29 – 23:11शुभ
अमृत23:11 – 00:53शुभ
चर00:53 – 02:36सामान्य
रोग02:36 – 04:18टालें
काल04:18 – 06:00टालें
लाभ06:00 – 07:43शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि07:4108:33दिन
गुरु08:3309:25दिन
मंगल09:2510:17दिन
सूर्य10:1711:09दिन
शुक्र11:0912:01दिन
बुध12:0112:53दिन
चंद्र12:5313:45दिन
शनि13:4514:36दिन
गुरु14:3615:28दिन
मंगल15:2816:20दिन
सूर्य16:2017:12दिन
शुक्र17:1218:04दिन
बुध18:0419:12रात
चंद्र19:1220:21रात
शनि20:2121:29रात
गुरु21:2922:37रात
मंगल22:3723:45रात
सूर्य23:4500:53रात
शुक्र00:5302:02रात
बुध02:0203:10रात
चंद्र03:1004:18रात
शनि04:1805:26रात
गुरु05:2606:34रात
मंगल06:3407:43रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
25 अक्टू॰ 2026आश्विन पूर्णिमापूर्णिमा
29 अक्टू॰ 2026संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
1 नव॰ 2026कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
4 नव॰ 2026कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
6 नव॰ 2026प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
8 नव॰ 2026कार्तिक अमावस्याअमावस्या
12 नव॰ 2026विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
16 नव॰ 2026वृश्चिक संक्रांतिसूर्य का वृश्चिक में प्रवेश
20 नव॰ 2026शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
22 नव॰ 2026प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी

तिथियां सिएटल में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2316° (लाहिड़ी)। समय सिएटल (America/Los_Angeles) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।