7 अप्रैल 2027 को सिएटल का पंचांग

बुधवार, 7 अप्रैल 2027, सिएटल, संयुक्त राज्य। समय America/Los_Angeles में है।

बुधवार, 7 अप्रैल 2027 को सिएटल में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल प्रतिपदा (15:59 तक), नक्षत्र अश्विनी (05:29, 8 अप्रैल तक) और योग वैधृति है। सूर्योदय 06:36 पर और सूर्यास्त 19:47 पर है। राहुकाल 13:11 से 14:50 तक है।

दिन और रात
दिन 06:36 – 19:47
रात 06:34 तक
तिथि
प्रतिपदा, 15:59 तक
द्वितीया
नक्षत्र
अश्विनी, 05:29 तक
भरणी
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

7 अप्रैल 2027 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल प्रतिपदा 15:59 तक
शुक्ल द्वितीया 14:40, 8 अप्रैल तक
नक्षत्र
अश्विनी 05:29, 8 अप्रैल तक
भरणी 04:41, 9 अप्रैल तक
योग
वैधृतिअशुभ 17:06 तक
विष्कंभअशुभ 14:55, 8 अप्रैल तक
करण
बव 15:59 तक
बालव 03:22, 8 अप्रैल तक
कौलव 14:40, 8 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:36
सूर्यास्त
19:47
चंद्रोदय
06:29
चंद्रास्त
21:18
दिनमान
13h 12m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:09 – 05:52
अभिजीत मुहूर्त
12:45 – 13:38 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
13:11 – 14:50
यमगंड
08:15 – 09:54
गुलिक काल
11:32 – 13:11

7 अप्रैल 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:36 – 08:15शुभ
अमृत08:15 – 09:54शुभ
काल09:54 – 11:32टालें
शुभ11:32 – 13:11शुभ
रोग13:11 – 14:50टालें
उद्वेग14:50 – 16:29टालें
चर16:29 – 18:08सामान्य
लाभ18:08 – 19:47शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग19:47 – 21:08टालें
शुभ21:08 – 22:29शुभ
अमृत22:29 – 23:50शुभ
चर23:50 – 01:10सामान्य
रोग01:10 – 02:31टालें
काल02:31 – 03:52टालें
लाभ03:52 – 05:13शुभ
उद्वेग05:13 – 06:34टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:3607:42दिन
चंद्र07:4208:48दिन
शनि08:4809:54दिन
गुरु09:5410:59दिन
मंगल10:5912:05दिन
सूर्य12:0513:11दिन
शुक्र13:1114:17दिन
बुध14:1715:23दिन
चंद्र15:2316:29दिन
शनि16:2917:35दिन
गुरु17:3518:41दिन
मंगल18:4119:47दिन
सूर्य19:4720:41रात
शुक्र20:4121:35रात
बुध21:3522:29रात
चंद्र22:2923:23रात
शनि23:2300:17रात
गुरु00:1701:10रात
मंगल01:1002:04रात
सूर्य02:0402:58रात
शुक्र02:5803:52रात
बुध03:5204:46रात
चंद्र04:4605:40रात
शनि05:4006:34रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
10 अप्रैल 2027विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
14 अप्रैल 2027मेष संक्रांतिसूर्य का मेष में प्रवेश
16 अप्रैल 2027शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
18 अप्रैल 2027प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
20 अप्रैल 2027चैत्र पूर्णिमापूर्णिमा
24 अप्रैल 2027संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
28 अप्रैल 2027कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
2 मई 2027कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
4 मई 2027प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
5 मई 2027वैशाख अमावस्याअमावस्या

तिथियां सिएटल में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2379° (लाहिड़ी)। समय सिएटल (America/Los_Angeles) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।