7 सितंबर 2027 को सिएटल का पंचांग

मंगलवार, 7 सितंबर 2027, सिएटल, संयुक्त राज्य। समय America/Los_Angeles में है।

मंगलवार, 7 सितंबर 2027 को सिएटल में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल अष्टमी (00:14, 8 सित॰ तक), नक्षत्र ज्येष्ठा (05:47, 8 सित॰ तक) और योग विष्कंभ है। सूर्योदय 06:35 पर और सूर्यास्त 19:37 पर है। राहुकाल 16:22 से 18:00 तक है।

दिन और रात
दिन 06:35 – 19:37
रात 06:37 तक
तिथि
अष्टमी, 00:14 तक
नवमी
नक्षत्र
ज्येष्ठा, 05:47 तक
मूल
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

7 सितंबर 2027 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल अष्टमी 00:14, 8 सित॰ तक
शुक्ल नवमी 02:09, 9 सित॰ तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा 05:47, 8 सित॰ तक
मूल 08:22, 9 सित॰ तक
योग
विष्कंभअशुभ 15:06 तक
प्रीति 15:25, 8 सित॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 11:31 तक
बव 00:14, 8 सित॰ तक
बालव 13:07, 8 सित॰ तक
चंद्र राशि
वृश्चिक 05:47, 8 सित॰ तक
सूर्य राशिसिंह
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:35
सूर्यास्त
19:37
चंद्रोदय
15:19
चंद्रास्त
23:02
दिनमान
13h 2m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:08 – 05:52
अभिजीत मुहूर्त
12:40 – 13:32

अशुभ समय

राहुकाल
16:22 – 18:00
यमगंड
09:51 – 11:29
गुलिक काल
13:06 – 14:44

7 सितंबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:35 – 08:13टालें
उद्वेग08:13 – 09:51टालें
चर09:51 – 11:29सामान्य
लाभ11:29 – 13:06शुभ
अमृत13:06 – 14:44शुभ
काल14:44 – 16:22टालें
शुभ16:22 – 18:00शुभ
रोग18:00 – 19:37टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल19:37 – 21:00टालें
लाभ21:00 – 22:22शुभ
उद्वेग22:22 – 23:45टालें
शुभ23:45 – 01:07शुभ
अमृत01:07 – 02:29शुभ
चर02:29 – 03:52सामान्य
रोग03:52 – 05:14टालें
काल05:14 – 06:37टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:3507:41दिन
सूर्य07:4108:46दिन
शुक्र08:4609:51दिन
बुध09:5110:56दिन
चंद्र10:5612:01दिन
शनि12:0113:06दिन
गुरु13:0614:12दिन
मंगल14:1215:17दिन
सूर्य15:1716:22दिन
शुक्र16:2217:27दिन
बुध17:2718:32दिन
चंद्र18:3219:37दिन
शनि19:3720:32रात
गुरु20:3221:27रात
मंगल21:2722:22रात
सूर्य22:2223:17रात
शुक्र23:1700:12रात
बुध00:1201:07रात
चंद्र01:0702:02रात
शनि02:0202:57रात
गुरु02:5703:52रात
मंगल03:5204:47रात
सूर्य04:4705:42रात
शुक्र05:4206:37रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
10 सित॰ 2027शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
13 सित॰ 2027प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
15 सित॰ 2027भाद्रपद पूर्णिमापूर्णिमा
17 सित॰ 2027कन्या संक्रांतिसूर्य का कन्या में प्रवेश
19 सित॰ 2027संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
23 सित॰ 2027कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
26 सित॰ 2027कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
27 सित॰ 2027प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
29 सित॰ 2027आश्विन अमावस्याअमावस्या
3 अक्टू॰ 2027विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी

तिथियां सिएटल में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2438° (लाहिड़ी)। समय सिएटल (America/Los_Angeles) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।