6 मार्च 2028 को सिएटल का पंचांग

सोमवार, 6 मार्च 2028, सिएटल, संयुक्त राज्य। समय America/Los_Angeles में है।

सोमवार, 6 मार्च 2028 को सिएटल में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल दशमी (09:31 तक), नक्षत्र पुनर्वसु (03:44, 7 मार्च तक) और योग सौभाग्य है। सूर्योदय 06:38 पर और सूर्यास्त 18:02 पर है। राहुकाल 08:04 से 09:29 तक है।

दिन और रात
दिन 06:38 – 18:02
रात 06:36 तक
तिथि
दशमी, 09:31 तक
एकादशी
नक्षत्र
पुनर्वसु, 03:44 तक
पुष्य
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

6 मार्च 2028 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल दशमी 09:31 तक
शुक्ल एकादशी 07:00, 7 मार्च तक
नक्षत्र
पुनर्वसु 03:44, 7 मार्च तक
पुष्य 01:30, 8 मार्च तक
योग
सौभाग्य 22:48 तक
शोभन 19:18, 7 मार्च तक
करण
गर 09:31 तक
वणिज 20:20 तक
विष्टि (भद्रा) 07:00, 7 मार्च तक
चंद्र राशि
मिथुन 22:12 तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:38
सूर्यास्त
18:02
चंद्रोदय
12:38
चंद्रास्त
04:07
दिनमान
11h 24m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:57 – 05:48
अभिजीत मुहूर्त
11:57 – 12:43

अशुभ समय

राहुकाल
08:04 – 09:29
यमगंड
10:55 – 12:20
गुलिक काल
13:46 – 15:11

6 मार्च 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:38 – 08:04शुभ
काल08:04 – 09:29टालें
शुभ09:29 – 10:55शुभ
रोग10:55 – 12:20टालें
उद्वेग12:20 – 13:46टालें
चर13:46 – 15:11सामान्य
लाभ15:11 – 16:37शुभ
अमृत16:37 – 18:02शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:02 – 19:37सामान्य
रोग19:37 – 21:11टालें
काल21:11 – 22:45टालें
लाभ22:45 – 00:19शुभ
उद्वेग00:19 – 01:54टालें
शुभ01:54 – 03:28शुभ
अमृत03:28 – 05:02शुभ
चर05:02 – 06:36सामान्य

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:3807:35दिन
शनि07:3508:32दिन
गुरु08:3209:29दिन
मंगल09:2910:26दिन
सूर्य10:2611:23दिन
शुक्र11:2312:20दिन
बुध12:2013:17दिन
चंद्र13:1714:14दिन
शनि14:1415:11दिन
गुरु15:1116:08दिन
मंगल16:0817:05दिन
सूर्य17:0518:02दिन
शुक्र18:0219:05रात
बुध19:0520:08रात
चंद्र20:0821:11रात
शनि21:1122:14रात
गुरु22:1423:16रात
मंगल23:1600:19रात
सूर्य00:1901:22रात
शुक्र01:2202:25रात
बुध02:2503:28रात
चंद्र03:2804:31रात
शनि04:3105:33रात
गुरु05:3306:36रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
7 मार्च 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
8 मार्च 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
10 मार्च 2028फाल्गुन पूर्णिमापूर्णिमा
13 मार्च 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
14 मार्च 2028मीन संक्रांतिसूर्य का मीन में प्रवेश
17 मार्च 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
21 मार्च 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
23 मार्च 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
25 मार्च 2028चैत्र अमावस्याअमावस्या
29 मार्च 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी

तिथियां सिएटल में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2507° (लाहिड़ी)। समय सिएटल (America/Los_Angeles) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।