8 सितंबर 2028 को सिएटल का पंचांग

शुक्रवार, 8 सितंबर 2028, सिएटल, संयुक्त राज्य। समय America/Los_Angeles में है।

शुक्रवार, 8 सितंबर 2028 को सिएटल में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण पंचमी (03:43, 9 सित॰ तक), नक्षत्र अश्विनी (08:39 तक) और योग ध्रुव है। सूर्योदय 06:38 पर और सूर्यास्त 19:34 पर है। राहुकाल 11:29 से 13:06 तक है।

दिन और रात
दिन 06:38 – 19:34
रात 06:39 तक
तिथि
पंचमी, 03:43 तक
षष्ठी
नक्षत्र
भरणी
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

8 सितंबर 2028 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण पंचमी 03:43, 9 सित॰ तक
कृष्ण षष्ठी 04:59, 10 सित॰ तक
नक्षत्र
भरणी 10:51, 9 सित॰ तक
योग
ध्रुव 16:44 तक
व्याघातअशुभ 16:54, 9 सित॰ तक
करण
कौलव 14:55 तक
तैतिल 03:43, 9 सित॰ तक
गर 16:25, 9 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:38
सूर्यास्त
19:34
चंद्रोदय
20:57
चंद्रास्त
11:45
दिनमान
12h 56m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:09 – 05:54
अभिजीत मुहूर्त
12:40 – 13:32

अशुभ समय

राहुकाल
11:29 – 13:06
यमगंड
16:20 – 17:57
गुलिक काल
08:15 – 09:52

8 सितंबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:38 – 08:15सामान्य
लाभ08:15 – 09:52शुभ
अमृत09:52 – 11:29शुभ
काल11:29 – 13:06टालें
शुभ13:06 – 14:43शुभ
रोग14:43 – 16:20टालें
उद्वेग16:20 – 17:57टालें
चर17:57 – 19:34सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग19:34 – 20:57टालें
काल20:57 – 22:20टालें
लाभ22:20 – 23:43शुभ
उद्वेग23:43 – 01:06टालें
शुभ01:06 – 02:30शुभ
अमृत02:30 – 03:53शुभ
चर03:53 – 05:16सामान्य
रोग05:16 – 06:39टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:3807:42दिन
बुध07:4208:47दिन
चंद्र08:4709:52दिन
शनि09:5210:56दिन
गुरु10:5612:01दिन
मंगल12:0113:06दिन
सूर्य13:0614:10दिन
शुक्र14:1015:15दिन
बुध15:1516:20दिन
चंद्र16:2017:24दिन
शनि17:2418:29दिन
गुरु18:2919:34दिन
मंगल19:3420:29रात
सूर्य20:2921:25रात
शुक्र21:2522:20रात
बुध22:2023:16रात
चंद्र23:1600:11रात
शनि00:1101:06रात
गुरु01:0602:02रात
मंगल02:0202:57रात
सूर्य02:5703:53रात
शुक्र03:5304:48रात
बुध04:4805:44रात
चंद्र05:4406:39रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
11 सित॰ 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
14 सित॰ 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
16 सित॰ 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
16 सित॰ 2028कन्या संक्रांतिसूर्य का कन्या में प्रवेश
18 सित॰ 2028आश्विन अमावस्याअमावस्या
21 सित॰ 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
28 सित॰ 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
30 सित॰ 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
2 अक्टू॰ 2028आश्विन पूर्णिमापूर्णिमा
7 अक्टू॰ 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी

तिथियां सिएटल में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2578° (लाहिड़ी)। समय सिएटल (America/Los_Angeles) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।