24 सितंबर 2028 को सिएटल का पंचांग

रविवार, 24 सितंबर 2028, सिएटल, संयुक्त राज्य। समय America/Los_Angeles में है।

रविवार, 24 सितंबर 2028 को सिएटल में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल सप्तमी (18:03 तक), नक्षत्र ज्येष्ठा (13:55 तक) और योग आयुष्मान है। सूर्योदय 06:59 पर और सूर्यास्त 19:01 पर है। राहुकाल 17:31 से 19:01 तक है।

दिन और रात
दिन 06:59 – 19:01
रात 07:01 तक
तिथि
सप्तमी, 18:03 तक
अष्टमी
नक्षत्र
ज्येष्ठा, 13:55 तक
मूल
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

24 सितंबर 2028 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल सप्तमी 18:03 तक
शुक्ल अष्टमी 18:28, 25 सित॰ तक
नक्षत्र
मूल 14:51, 25 सित॰ तक
योग
आयुष्मान 17:13 तक
सौभाग्य 16:28, 25 सित॰ तक
करण
वणिज 18:03 तक
विष्टि (भद्रा) 06:10, 25 सित॰ तक
बव 18:28, 25 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:59
सूर्यास्त
19:01
चंद्रोदय
14:35
चंद्रास्त
22:41
दिनमान
12h 2m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:24 – 06:12
अभिजीत मुहूर्त
12:36 – 13:24

अशुभ समय

राहुकाल
17:31 – 19:01
यमगंड
13:00 – 14:30
गुलिक काल
16:01 – 17:31

24 सितंबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:59 – 08:29टालें
चर08:29 – 10:00सामान्य
लाभ10:00 – 11:30शुभ
अमृत11:30 – 13:00शुभ
काल13:00 – 14:30टालें
शुभ14:30 – 16:01शुभ
रोग16:01 – 17:31टालें
उद्वेग17:31 – 19:01टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ19:01 – 20:31शुभ
अमृत20:31 – 22:01शुभ
चर22:01 – 23:31सामान्य
रोग23:31 – 01:01टालें
काल01:01 – 02:31टालें
लाभ02:31 – 04:01शुभ
उद्वेग04:01 – 05:31टालें
शुभ05:31 – 07:01शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:5907:59दिन
शुक्र07:5909:00दिन
बुध09:0010:00दिन
चंद्र10:0011:00दिन
शनि11:0012:00दिन
गुरु12:0013:00दिन
मंगल13:0014:00दिन
सूर्य14:0015:00दिन
शुक्र15:0016:01दिन
बुध16:0117:01दिन
चंद्र17:0118:01दिन
शनि18:0119:01दिन
गुरु19:0120:01रात
मंगल20:0121:01रात
सूर्य21:0122:01रात
शुक्र22:0123:01रात
बुध23:0100:01रात
चंद्र00:0101:01रात
शनि01:0102:01रात
गुरु02:0103:01रात
मंगल03:0104:01रात
सूर्य04:0105:01रात
शुक्र05:0106:01रात
बुध06:0107:01रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
28 सित॰ 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
30 सित॰ 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
2 अक्टू॰ 2028आश्विन पूर्णिमापूर्णिमा
7 अक्टू॰ 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
11 अक्टू॰ 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
14 अक्टू॰ 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
15 अक्टू॰ 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
16 अक्टू॰ 2028तुला संक्रांतिसूर्य का तुला में प्रवेश
17 अक्टू॰ 2028कार्तिक अमावस्याअमावस्या
21 अक्टू॰ 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी

तिथियां सिएटल में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2584° (लाहिड़ी)। समय सिएटल (America/Los_Angeles) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।