19 फ़रवरी 2029 को सिएटल का पंचांग

सोमवार, 19 फ़रवरी 2029, सिएटल, संयुक्त राज्य। समय America/Los_Angeles में है।

सोमवार, 19 फ़रवरी 2029 को सिएटल में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल षष्ठी (16:17 तक), नक्षत्र भरणी (06:50, 20 फ़र॰ तक) और योग ब्रह्म है। सूर्योदय 07:07 पर और सूर्यास्त 17:39 पर है। राहुकाल 08:26 से 09:45 तक है।

दिन और रात
दिन 07:07 – 17:39
रात 07:05 तक
तिथि
षष्ठी, 16:17 तक
सप्तमी
नक्षत्र
भरणी, 06:50 तक
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

19 फ़रवरी 2029 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल षष्ठी 16:17 तक
शुक्ल सप्तमी 18:20, 20 फ़र॰ तक
नक्षत्र
भरणी 06:50, 20 फ़र॰ तक
कृत्तिका 09:05, 21 फ़र॰ तक
योग
ब्रह्म 04:25, 20 फ़र॰ तक
इंद्र 04:43, 21 फ़र॰ तक
करण
तैतिल 16:17 तक
गर 05:22, 20 फ़र॰ तक
वणिज 18:20, 20 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:07
सूर्यास्त
17:39
चंद्रोदय
09:05
चंद्रास्त
इस दिन चंद्रास्त नहीं
दिनमान
10h 32m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:19 – 06:13
अभिजीत मुहूर्त
12:02 – 12:44

अशुभ समय

राहुकाल
08:26 – 09:45
यमगंड
11:04 – 12:23
गुलिक काल
13:42 – 15:01

19 फ़रवरी 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत07:07 – 08:26शुभ
काल08:26 – 09:45टालें
शुभ09:45 – 11:04शुभ
रोग11:04 – 12:23टालें
उद्वेग12:23 – 13:42टालें
चर13:42 – 15:01सामान्य
लाभ15:01 – 16:20शुभ
अमृत16:20 – 17:39शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:39 – 19:20सामान्य
रोग19:20 – 21:01टालें
काल21:01 – 22:41टालें
लाभ22:41 – 00:22शुभ
उद्वेग00:22 – 02:03टालें
शुभ02:03 – 03:44शुभ
अमृत03:44 – 05:24शुभ
चर05:24 – 07:05सामान्य

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र07:0707:59दिन
शनि07:5908:52दिन
गुरु08:5209:45दिन
मंगल09:4510:38दिन
सूर्य10:3811:30दिन
शुक्र11:3012:23दिन
बुध12:2313:16दिन
चंद्र13:1614:08दिन
शनि14:0815:01दिन
गुरु15:0115:54दिन
मंगल15:5416:46दिन
सूर्य16:4617:39दिन
शुक्र17:3918:46रात
बुध18:4619:53रात
चंद्र19:5321:01रात
शनि21:0122:08रात
गुरु22:0823:15रात
मंगल23:1500:22रात
सूर्य00:2201:29रात
शुक्र01:2902:36रात
बुध02:3603:44रात
चंद्र03:4404:51रात
शनि04:5105:58रात
गुरु05:5807:05रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
24 फ़र॰ 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
26 फ़र॰ 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
28 फ़र॰ 2029फाल्गुन पूर्णिमापूर्णिमा
3 मार्च 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
7 मार्च 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
10 मार्च 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
12 मार्च 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
14 मार्च 2029चैत्र अमावस्याअमावस्या
14 मार्च 2029मीन संक्रांतिसूर्य का मीन में प्रवेश
18 मार्च 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी

तिथियां सिएटल में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2641° (लाहिड़ी)। समय सिएटल (America/Los_Angeles) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।