16 सितंबर 2029 को सिएटल का पंचांग

रविवार, 16 सितंबर 2029, सिएटल, संयुक्त राज्य। समय America/Los_Angeles में है।

रविवार, 16 सितंबर 2029 को सिएटल में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल दशमी (04:43, 17 सित॰ तक), नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा (21:29 तक) और योग सौभाग्य है। सूर्योदय 06:48 पर और सूर्यास्त 19:18 पर है। राहुकाल 17:44 से 19:18 तक है।

दिन और रात
दिन 06:48 – 19:18
रात 06:49 तक
तिथि
दशमी, 04:43 तक
एकादशी
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा, 21:29 तक
उत्तराषाढ़ा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

16 सितंबर 2029 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल दशमी 04:43, 17 सित॰ तक
शुक्ल एकादशी 04:53, 18 सित॰ तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा 22:11, 17 सित॰ तक
योग
सौभाग्य 15:17 तक
शोभन 14:08, 17 सित॰ तक
करण
तैतिल 16:49 तक
गर 04:43, 17 सित॰ तक
वणिज 16:45, 17 सित॰ तक
चंद्र राशि
धनु 03:37, 17 सित॰ तक
सूर्य राशिसिंह
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:48
सूर्यास्त
19:18
चंद्रोदय
16:21
चंद्रास्त
00:19
दिनमान
12h 30m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:16 – 06:02
अभिजीत मुहूर्त
12:38 – 13:28

अशुभ समय

राहुकाल
17:44 – 19:18
यमगंड
13:03 – 14:37
गुलिक काल
16:10 – 17:44

16 सितंबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:48 – 08:22टालें
चर08:22 – 09:56सामान्य
लाभ09:56 – 11:29शुभ
अमृत11:29 – 13:03शुभ
काल13:03 – 14:37टालें
शुभ14:37 – 16:10शुभ
रोग16:10 – 17:44टालें
उद्वेग17:44 – 19:18टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ19:18 – 20:44शुभ
अमृत20:44 – 22:11शुभ
चर22:11 – 23:37सामान्य
रोग23:37 – 01:04टालें
काल01:04 – 02:30टालें
लाभ02:30 – 03:57शुभ
उद्वेग03:57 – 05:23टालें
शुभ05:23 – 06:49शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:4807:51दिन
शुक्र07:5108:53दिन
बुध08:5309:56दिन
चंद्र09:5610:58दिन
शनि10:5812:01दिन
गुरु12:0113:03दिन
मंगल13:0314:05दिन
सूर्य14:0515:08दिन
शुक्र15:0816:10दिन
बुध16:1017:13दिन
चंद्र17:1318:15दिन
शनि18:1519:18दिन
गुरु19:1820:16रात
मंगल20:1621:13रात
सूर्य21:1322:11रात
शुक्र22:1123:08रात
बुध23:0800:06रात
चंद्र00:0601:04रात
शनि01:0402:01रात
गुरु02:0102:59रात
मंगल02:5903:57रात
सूर्य03:5704:54रात
शुक्र04:5405:52रात
बुध05:5206:49रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
16 सित॰ 2029कन्या संक्रांतिसूर्य का कन्या में प्रवेश
17 सित॰ 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
19 सित॰ 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
22 सित॰ 2029भाद्रपद पूर्णिमापूर्णिमा
26 सित॰ 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
30 सित॰ 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
3 अक्टू॰ 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
5 अक्टू॰ 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
7 अक्टू॰ 2029आश्विन अमावस्याअमावस्या
10 अक्टू॰ 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी

तिथियां सिएटल में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2721° (लाहिड़ी)। समय सिएटल (America/Los_Angeles) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।