24 सितंबर 2029 को सिएटल का पंचांग

सोमवार, 24 सितंबर 2029, सिएटल, संयुक्त राज्य। समय America/Los_Angeles में है।

सोमवार, 24 सितंबर 2029 को सिएटल में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वितीया (13:46 तक), नक्षत्र रेवती (10:07 तक) और योग ध्रुव है। सूर्योदय 06:59 पर और सूर्यास्त 19:01 पर है। राहुकाल 08:29 से 10:00 तक है।

दिन और रात
दिन 06:59 – 19:01
रात 07:00 तक
तिथि
द्वितीया, 13:46 तक
तृतीया
नक्षत्र
रेवती, 10:07 तक
अश्विनी
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

24 सितंबर 2029 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण द्वितीया 13:46 तक
कृष्ण तृतीया 16:15, 25 सित॰ तक
नक्षत्र
रेवती 10:07 तक
अश्विनी 13:06, 25 सित॰ तक
योग
ध्रुव 14:29 तक
व्याघातअशुभ 15:25, 25 सित॰ तक
करण
गर 13:46 तक
वणिज 02:59, 25 सित॰ तक
विष्टि (भद्रा) 16:15, 25 सित॰ तक
चंद्र राशि
मीन 10:07 तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:59
सूर्यास्त
19:01
चंद्रोदय
19:24
चंद्रास्त
09:16
दिनमान
12h 3m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:24 – 06:11
अभिजीत मुहूर्त
12:36 – 13:24

अशुभ समय

राहुकाल
08:29 – 10:00
यमगंड
11:30 – 13:00
गुलिक काल
14:31 – 16:01

24 सितंबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:59 – 08:29शुभ
काल08:29 – 10:00टालें
शुभ10:00 – 11:30शुभ
रोग11:30 – 13:00टालें
उद्वेग13:00 – 14:31टालें
चर14:31 – 16:01सामान्य
लाभ16:01 – 17:31शुभ
अमृत17:31 – 19:01शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर19:01 – 20:31सामान्य
रोग20:31 – 22:01टालें
काल22:01 – 23:31टालें
लाभ23:31 – 01:01शुभ
उद्वेग01:01 – 02:31टालें
शुभ02:31 – 04:01शुभ
अमृत04:01 – 05:30शुभ
चर05:30 – 07:00सामान्य

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:5907:59दिन
शनि07:5908:59दिन
गुरु08:5910:00दिन
मंगल10:0011:00दिन
सूर्य11:0012:00दिन
शुक्र12:0013:00दिन
बुध13:0014:00दिन
चंद्र14:0015:01दिन
शनि15:0116:01दिन
गुरु16:0117:01दिन
मंगल17:0118:01दिन
सूर्य18:0119:01दिन
शुक्र19:0120:01रात
बुध20:0121:01रात
चंद्र21:0122:01रात
शनि22:0123:01रात
गुरु23:0100:01रात
मंगल00:0101:01रात
सूर्य01:0102:01रात
शुक्र02:0103:01रात
बुध03:0104:01रात
चंद्र04:0105:00रात
शनि05:0006:00रात
गुरु06:0007:00रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
26 सित॰ 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
30 सित॰ 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
3 अक्टू॰ 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
5 अक्टू॰ 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
7 अक्टू॰ 2029आश्विन अमावस्याअमावस्या
10 अक्टू॰ 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
17 अक्टू॰ 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
17 अक्टू॰ 2029तुला संक्रांतिसूर्य का तुला में प्रवेश
19 अक्टू॰ 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
21 अक्टू॰ 2029आश्विन पूर्णिमापूर्णिमा

तिथियां सिएटल में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2724° (लाहिड़ी)। समय सिएटल (America/Los_Angeles) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।