20 नवंबर 2029 को सिएटल का पंचांग

मंगलवार, 20 नवंबर 2029, सिएटल, संयुक्त राज्य। समय America/Los_Angeles में है।

मंगलवार, 20 नवंबर 2029 को सिएटल में सूर्योदय के समय तिथि पूर्णिमा (20:03 तक), नक्षत्र कृत्तिका (06:25, 21 नव॰ तक) और योग परिघ है। सूर्योदय 07:22 पर और सूर्यास्त 16:27 पर है। राहुकाल 14:11 से 15:19 तक है।

दिन और रात
दिन 07:22 – 16:27
रात 07:23 तक
तिथि
पूर्णिमा, 20:03 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
कृत्तिका, 06:25 तक
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

20 नवंबर 2029 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
पूर्णिमा 20:03 तक
कृष्ण प्रतिपदा 22:23, 21 नव॰ तक
नक्षत्र
कृत्तिका 06:25, 21 नव॰ तक
रोहिणी 09:08, 22 नव॰ तक
योग
परिघअशुभ 02:48, 21 नव॰ तक
शिव 03:28, 22 नव॰ तक
करण
बव 20:03 तक
बालव 09:14, 21 नव॰ तक
चंद्र राशि
मेष 10:16 तक
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:22
सूर्यास्त
16:27
चंद्रोदय
16:00
चंद्रास्त
07:07
दिनमान
9h 5m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:23 – 06:22
अभिजीत मुहूर्त
11:36 – 12:13

अशुभ समय

राहुकाल
14:11 – 15:19
यमगंड
09:38 – 10:46
गुलिक काल
11:54 – 13:02

20 नवंबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग07:22 – 08:30टालें
उद्वेग08:30 – 09:38टालें
चर09:38 – 10:46सामान्य
लाभ10:46 – 11:54शुभ
अमृत11:54 – 13:02शुभ
काल13:02 – 14:11टालें
शुभ14:11 – 15:19शुभ
रोग15:19 – 16:27टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल16:27 – 18:19टालें
लाभ18:19 – 20:11शुभ
उद्वेग20:11 – 22:03टालें
शुभ22:03 – 23:55शुभ
अमृत23:55 – 01:47शुभ
चर01:47 – 03:39सामान्य
रोग03:39 – 05:31टालें
काल05:31 – 07:23टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल07:2208:07दिन
सूर्य08:0708:53दिन
शुक्र08:5309:38दिन
बुध09:3810:24दिन
चंद्र10:2411:09दिन
शनि11:0911:54दिन
गुरु11:5412:40दिन
मंगल12:4013:25दिन
सूर्य13:2514:11दिन
शुक्र14:1114:56दिन
बुध14:5615:41दिन
चंद्र15:4116:27दिन
शनि16:2717:41रात
गुरु17:4118:56रात
मंगल18:5620:11रात
सूर्य20:1121:26रात
शुक्र21:2622:40रात
बुध22:4023:55रात
चंद्र23:5501:10रात
शनि01:1002:25रात
गुरु02:2503:39रात
मंगल03:3904:54रात
सूर्य04:5406:09रात
शुक्र06:0907:23रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
20 नव॰ 2029कार्तिक पूर्णिमापूर्णिमा
24 नव॰ 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
28 नव॰ 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
1 दिस॰ 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
3 दिस॰ 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
4 दिस॰ 2029मार्गशीर्ष अमावस्याअमावस्या
8 दिस॰ 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
15 दिस॰ 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
15 दिस॰ 2029धनु संक्रांतिसूर्य का धनु में प्रवेश
18 दिस॰ 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी

तिथियां सिएटल में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2746° (लाहिड़ी)। समय सिएटल (America/Los_Angeles) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।