1 जनवरी 2028 को सुवा का पंचांग

शनिवार, 1 जनवरी 2028, सुवा, फ़िजी। समय Pacific/Fiji में है।

शनिवार, 1 जनवरी 2028 को सुवा में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्थी (17:25 तक), नक्षत्र धनिष्ठा (22:45 तक) और योग वज्र है। सूर्योदय 05:33 पर और सूर्यास्त 18:45 पर है। राहुकाल 08:51 से 10:30 तक है।

दिन और रात
दिन 05:33 – 18:45
रात 05:33 तक
तिथि
चतुर्थी, 17:25 तक
पंचमी
नक्षत्र
धनिष्ठा, 22:45 तक
शतभिषा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

1 जनवरी 2028 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल चतुर्थी 17:25 तक
शुक्ल पंचमी 20:10, 2 जन॰ तक
नक्षत्र
शतभिषा 01:52, 3 जन॰ तक
योग
वज्रअशुभ 17:13 तक
सिद्धि 18:12, 2 जन॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 17:25 तक
बव 06:48, 2 जन॰ तक
चंद्र राशि
मकर 09:10 तक
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:33
सूर्यास्त
18:45
चंद्रोदय
08:54
चंद्रास्त
21:41
दिनमान
13h 12m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:06 – 04:50
अभिजीत मुहूर्त
11:42 – 12:35

अशुभ समय

राहुकाल
08:51 – 10:30
यमगंड
13:48 – 15:27
गुलिक काल
05:33 – 07:12

1 जनवरी 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:33 – 07:12टालें
शुभ07:12 – 08:51शुभ
रोग08:51 – 10:30टालें
उद्वेग10:30 – 12:09टालें
चर12:09 – 13:48सामान्य
लाभ13:48 – 15:27शुभ
अमृत15:27 – 17:06शुभ
काल17:06 – 18:45टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:45 – 20:06शुभ
उद्वेग20:06 – 21:27टालें
शुभ21:27 – 22:48शुभ
अमृत22:48 – 00:09शुभ
चर00:09 – 01:30सामान्य
रोग01:30 – 02:51टालें
काल02:51 – 04:12टालें
लाभ04:12 – 05:33शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:3306:39दिन
गुरु06:3907:45दिन
मंगल07:4508:51दिन
सूर्य08:5109:57दिन
शुक्र09:5711:03दिन
बुध11:0312:09दिन
चंद्र12:0913:15दिन
शनि13:1514:21दिन
गुरु14:2115:27दिन
मंगल15:2716:33दिन
सूर्य16:3317:39दिन
शुक्र17:3918:45दिन
बुध18:4519:39रात
चंद्र19:3920:33रात
शनि20:3321:27रात
गुरु21:2722:21रात
मंगल22:2123:15रात
सूर्य23:1500:09रात
शुक्र00:0901:03रात
बुध01:0301:57रात
चंद्र01:5702:51रात
शनि02:5103:45रात
गुरु03:4504:39रात
मंगल04:3905:33रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
1 जन॰ 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
8 जन॰ 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
10 जन॰ 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
12 जन॰ 2028पौष पूर्णिमापूर्णिमा
15 जन॰ 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
15 जन॰ 2028मकर संक्रांतिसूर्य का मकर में प्रवेश
19 जन॰ 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
22 जन॰ 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
24 जन॰ 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
26 जन॰ 2028माघ अमावस्याअमावस्या

तिथियां सुवा में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2482° (लाहिड़ी)। समय सुवा (Pacific/Fiji) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।