9 जनवरी 2028 को सुवा का पंचांग

रविवार, 9 जनवरी 2028, सुवा, फ़िजी। समय Pacific/Fiji में है।

रविवार, 9 जनवरी 2028 को सुवा में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वादशी (00:26, 10 जन॰ तक), नक्षत्र कृत्तिका (09:50 तक) और योग शुभ है। सूर्योदय 05:38 पर और सूर्यास्त 18:47 पर है। राहुकाल 17:08 से 18:47 तक है।

दिन और रात
दिन 05:38 – 18:47
रात 05:38 तक
तिथि
द्वादशी, 00:26 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
कृत्तिका, 09:50 तक
रोहिणी
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

9 जनवरी 2028 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल द्वादशी 00:26, 10 जन॰ तक
शुक्ल त्रयोदशी 22:06, 10 जन॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 08:36, 10 जन॰ तक
योग
शुभ 14:19 तक
शुक्ल 11:26, 10 जन॰ तक
करण
बव 13:21 तक
बालव 00:26, 10 जन॰ तक
कौलव 11:21, 10 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:38
सूर्यास्त
18:47
चंद्रोदय
15:51
चंद्रास्त
02:06
दिनमान
13h 9m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:11 – 04:54
अभिजीत मुहूर्त
11:46 – 12:39

अशुभ समय

राहुकाल
17:08 – 18:47
यमगंड
12:12 – 13:51
गुलिक काल
15:30 – 17:08

9 जनवरी 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:38 – 07:16टालें
चर07:16 – 08:55सामान्य
लाभ08:55 – 10:34शुभ
अमृत10:34 – 12:12शुभ
काल12:12 – 13:51टालें
शुभ13:51 – 15:30शुभ
रोग15:30 – 17:08टालें
उद्वेग17:08 – 18:47टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:47 – 20:09शुभ
अमृत20:09 – 21:30शुभ
चर21:30 – 22:51सामान्य
रोग22:51 – 00:13टालें
काल00:13 – 01:34टालें
लाभ01:34 – 02:56शुभ
उद्वेग02:56 – 04:17टालें
शुभ04:17 – 05:38शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:3806:44दिन
शुक्र06:4407:49दिन
बुध07:4908:55दिन
चंद्र08:5510:01दिन
शनि10:0111:07दिन
गुरु11:0712:12दिन
मंगल12:1213:18दिन
सूर्य13:1814:24दिन
शुक्र14:2415:30दिन
बुध15:3016:36दिन
चंद्र16:3617:41दिन
शनि17:4118:47दिन
गुरु18:4719:41रात
मंगल19:4120:36रात
सूर्य20:3621:30रात
शुक्र21:3022:24रात
बुध22:2423:18रात
चंद्र23:1800:13रात
शनि00:1301:07रात
गुरु01:0702:01रात
मंगल02:0102:56रात
सूर्य02:5603:50रात
शुक्र03:5004:44रात
बुध04:4405:38रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
10 जन॰ 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
12 जन॰ 2028पौष पूर्णिमापूर्णिमा
15 जन॰ 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
15 जन॰ 2028मकर संक्रांतिसूर्य का मकर में प्रवेश
19 जन॰ 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
22 जन॰ 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
24 जन॰ 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
26 जन॰ 2028माघ अमावस्याअमावस्या
31 जन॰ 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
7 फ़र॰ 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी

तिथियां सुवा में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2485° (लाहिड़ी)। समय सुवा (Pacific/Fiji) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।