10 जनवरी 2028 को सुवा का पंचांग

सोमवार, 10 जनवरी 2028, सुवा, फ़िजी। समय Pacific/Fiji में है।

सोमवार, 10 जनवरी 2028 को सुवा में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल त्रयोदशी (22:06 तक), नक्षत्र रोहिणी (08:36 तक) और योग शुक्ल है। सूर्योदय 05:38 पर और सूर्यास्त 18:47 पर है। राहुकाल 07:17 से 08:56 तक है।

दिन और रात
दिन 05:38 – 18:47
रात 05:39 तक
तिथि
त्रयोदशी, 22:06 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
रोहिणी, 08:36 तक
मृगशिरा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

10 जनवरी 2028 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल त्रयोदशी 22:06 तक
शुक्ल चतुर्दशी 19:16, 11 जन॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 08:36 तक
मृगशिरा 06:45, 11 जन॰ तक
योग
शुक्ल 11:26 तक
ब्रह्म 08:06, 11 जन॰ तक
करण
कौलव 11:21 तक
तैतिल 22:06 तक
गर 08:44, 11 जन॰ तक
चंद्र राशि
वृषभ 19:44 तक
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:38
सूर्यास्त
18:47
चंद्रोदय
16:54
चंद्रास्त
03:03
दिनमान
13h 9m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:12 – 04:55
अभिजीत मुहूर्त
11:47 – 12:39

अशुभ समय

राहुकाल
07:17 – 08:56
यमगंड
10:34 – 12:13
गुलिक काल
13:51 – 15:30

10 जनवरी 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:38 – 07:17शुभ
काल07:17 – 08:56टालें
शुभ08:56 – 10:34शुभ
रोग10:34 – 12:13टालें
उद्वेग12:13 – 13:51टालें
चर13:51 – 15:30सामान्य
लाभ15:30 – 17:09शुभ
अमृत17:09 – 18:47शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:47 – 20:09सामान्य
रोग20:09 – 21:30टालें
काल21:30 – 22:52टालें
लाभ22:52 – 00:13शुभ
उद्वेग00:13 – 01:35टालें
शुभ01:35 – 02:56शुभ
अमृत02:56 – 04:18शुभ
चर04:18 – 05:39सामान्य

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:3806:44दिन
शनि06:4407:50दिन
गुरु07:5008:56दिन
मंगल08:5610:01दिन
सूर्य10:0111:07दिन
शुक्र11:0712:13दिन
बुध12:1313:19दिन
चंद्र13:1914:24दिन
शनि14:2415:30दिन
गुरु15:3016:36दिन
मंगल16:3617:42दिन
सूर्य17:4218:47दिन
शुक्र18:4719:42रात
बुध19:4220:36रात
चंद्र20:3621:30रात
शनि21:3022:25रात
गुरु22:2523:19रात
मंगल23:1900:13रात
सूर्य00:1301:07रात
शुक्र01:0702:02रात
बुध02:0202:56रात
चंद्र02:5603:50रात
शनि03:5004:45रात
गुरु04:4505:39रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
10 जन॰ 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
12 जन॰ 2028पौष पूर्णिमापूर्णिमा
15 जन॰ 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
15 जन॰ 2028मकर संक्रांतिसूर्य का मकर में प्रवेश
19 जन॰ 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
22 जन॰ 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
24 जन॰ 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
26 जन॰ 2028माघ अमावस्याअमावस्या
31 जन॰ 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
7 फ़र॰ 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी

तिथियां सुवा में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2485° (लाहिड़ी)। समय सुवा (Pacific/Fiji) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।