5 मार्च 2029 को सुवा का पंचांग

सोमवार, 5 मार्च 2029, सुवा, फ़िजी। समय Pacific/Fiji में है।

सोमवार, 5 मार्च 2029 को सुवा में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण पंचमी (12:10 तक), नक्षत्र स्वाति (11:27 तक) और योग ध्रुव है। सूर्योदय 06:06 पर और सूर्यास्त 18:29 पर है। राहुकाल 07:39 से 09:11 तक है।

दिन और रात
दिन 06:06 – 18:29
रात 06:06 तक
तिथि
पंचमी, 12:10 तक
षष्ठी
नक्षत्र
स्वाति, 11:27 तक
विशाखा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

5 मार्च 2029 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण पंचमी 12:10 तक
कृष्ण षष्ठी 09:56, 6 मार्च तक
नक्षत्र
स्वाति 11:27 तक
विशाखा 09:55, 6 मार्च तक
योग
ध्रुव 10:49 तक
व्याघातअशुभ 07:47, 6 मार्च तक
करण
तैतिल 12:10 तक
गर 22:58 तक
वणिज 09:56, 6 मार्च तक
चंद्र राशि
तुला 04:15, 6 मार्च तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:06
सूर्यास्त
18:29
चंद्रोदय
21:50
चंद्रास्त
10:20
दिनमान
12h 23m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:33 – 05:19
अभिजीत मुहूर्त
11:52 – 12:42

अशुभ समय

राहुकाल
07:39 – 09:11
यमगंड
10:44 – 12:17
गुलिक काल
13:50 – 15:23

5 मार्च 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:06 – 07:39शुभ
काल07:39 – 09:11टालें
शुभ09:11 – 10:44शुभ
रोग10:44 – 12:17टालें
उद्वेग12:17 – 13:50टालें
चर13:50 – 15:23सामान्य
लाभ15:23 – 16:56शुभ
अमृत16:56 – 18:29शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:29 – 19:56सामान्य
रोग19:56 – 21:23टालें
काल21:23 – 22:50टालें
लाभ22:50 – 00:17शुभ
उद्वेग00:17 – 01:44टालें
शुभ01:44 – 03:12शुभ
अमृत03:12 – 04:39शुभ
चर04:39 – 06:06सामान्य

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:0607:08दिन
शनि07:0808:10दिन
गुरु08:1009:11दिन
मंगल09:1110:13दिन
सूर्य10:1311:15दिन
शुक्र11:1512:17दिन
बुध12:1713:19दिन
चंद्र13:1914:21दिन
शनि14:2115:23दिन
गुरु15:2316:25दिन
मंगल16:2517:27दिन
सूर्य17:2718:29दिन
शुक्र18:2919:27रात
बुध19:2720:25रात
चंद्र20:2521:23रात
शनि21:2322:21रात
गुरु22:2123:19रात
मंगल23:1900:17रात
सूर्य00:1701:15रात
शुक्र01:1502:14रात
बुध02:1403:12रात
चंद्र03:1204:10रात
शनि04:1005:08रात
गुरु05:0806:06रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
8 मार्च 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
11 मार्च 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
13 मार्च 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
15 मार्च 2029चैत्र अमावस्याअमावस्या
15 मार्च 2029मीन संक्रांतिसूर्य का मीन में प्रवेश
19 मार्च 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
26 मार्च 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
28 मार्च 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
30 मार्च 2029अधिक चैत्र पूर्णिमापूर्णिमा
2 अप्रैल 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी

तिथियां सुवा में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2646° (लाहिड़ी)। समय सुवा (Pacific/Fiji) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का पंचांग

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।