8 नवंबर 2029 को सुवा का पंचांग

गुरुवार, 8 नवंबर 2029, सुवा, फ़िजी। समय Pacific/Fiji में है।

गुरुवार, 8 नवंबर 2029 को सुवा में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वितीया (09:07 तक), नक्षत्र अनुराधा (11:03 तक) और योग शोभन है। सूर्योदय 05:24 पर और सूर्यास्त 18:16 पर है। राहुकाल 13:26 से 15:03 तक है।

दिन और रात
दिन 05:24 – 18:16
रात 05:23 तक
तिथि
द्वितीया, 09:07 तक
तृतीया
नक्षत्र
अनुराधा, 11:03 तक
ज्येष्ठा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

8 नवंबर 2029 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल द्वितीया 09:07 तक
शुक्ल तृतीया 06:03, 9 नव॰ तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा 08:47, 9 नव॰ तक
योग
शोभन 08:43 तक
अतिगंडअशुभ 04:59, 9 नव॰ तक
सुकर्मा 01:44, 10 नव॰ तक
करण
कौलव 09:07 तक
तैतिल 19:31 तक
गर 06:03, 9 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:24
सूर्यास्त
18:16
चंद्रोदय
06:50
चंद्रास्त
20:29
दिनमान
12h 52m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:54 – 04:39
अभिजीत मुहूर्त
11:24 – 12:15

अशुभ समय

राहुकाल
13:26 – 15:03
यमगंड
05:24 – 07:00
गुलिक काल
08:37 – 10:13

8 नवंबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:24 – 07:00शुभ
रोग07:00 – 08:37टालें
उद्वेग08:37 – 10:13टालें
चर10:13 – 11:50सामान्य
लाभ11:50 – 13:26शुभ
अमृत13:26 – 15:03शुभ
काल15:03 – 16:39टालें
शुभ16:39 – 18:16शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:16 – 19:39शुभ
चर19:39 – 21:03सामान्य
रोग21:03 – 22:26टालें
काल22:26 – 23:49टालें
लाभ23:49 – 01:13शुभ
उद्वेग01:13 – 02:36टालें
शुभ02:36 – 04:00शुभ
अमृत04:00 – 05:23शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:2406:28दिन
मंगल06:2807:32दिन
सूर्य07:3208:37दिन
शुक्र08:3709:41दिन
बुध09:4110:45दिन
चंद्र10:4511:50दिन
शनि11:5012:54दिन
गुरु12:5413:58दिन
मंगल13:5815:03दिन
सूर्य15:0316:07दिन
शुक्र16:0717:11दिन
बुध17:1118:16दिन
चंद्र18:1619:11रात
शनि19:1120:07रात
गुरु20:0721:03रात
मंगल21:0321:58रात
सूर्य21:5822:54रात
शुक्र22:5423:49रात
बुध23:4900:45रात
चंद्र00:4501:41रात
शनि01:4102:36रात
गुरु02:3603:32रात
मंगल03:3204:28रात
सूर्य04:2805:23रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
9 नव॰ 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
16 नव॰ 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
16 नव॰ 2029वृश्चिक संक्रांतिसूर्य का वृश्चिक में प्रवेश
19 नव॰ 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
21 नव॰ 2029कार्तिक पूर्णिमापूर्णिमा
25 नव॰ 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
29 नव॰ 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
2 दिस॰ 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
4 दिस॰ 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
5 दिस॰ 2029मार्गशीर्ष अमावस्याअमावस्या

तिथियां सुवा में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2741° (लाहिड़ी)। समय सुवा (Pacific/Fiji) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।