2 नवंबर 2026 को सिडनी का पंचांग

सोमवार, 2 नवंबर 2026, सिडनी, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Sydney में है।

सोमवार, 2 नवंबर 2026 को सिडनी में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण अष्टमी (18:40 तक), नक्षत्र पुष्य (10:00 तक) और योग शुभ है। सूर्योदय 05:54 पर और सूर्यास्त 19:23 पर है। राहुकाल 07:35 से 09:16 तक है।

दिन और रात
दिन 05:54 – 19:23
रात 05:53 तक
तिथि
अष्टमी, 18:40 तक
नवमी
नक्षत्र
पुष्य, 10:00 तक
आश्लेषा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

2 नवंबर 2026 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण अष्टमी 18:40 तक
कृष्ण नवमी 17:25, 3 नव॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 10:00 तक
आश्लेषा 09:16, 3 नव॰ तक
योग
शुभ 17:36 तक
शुक्ल 15:24, 3 नव॰ तक
करण
बालव 07:28 तक
कौलव 18:40 तक
तैतिल 05:59, 3 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:54
सूर्यास्त
19:23
चंद्रोदय
01:46
चंद्रास्त
12:17
दिनमान
13h 30m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:30 – 05:12
अभिजीत मुहूर्त
12:12 – 13:05

अशुभ समय

राहुकाल
07:35 – 09:16
यमगंड
10:57 – 12:38
गुलिक काल
14:20 – 16:01

2 नवंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:54 – 07:35शुभ
काल07:35 – 09:16टालें
शुभ09:16 – 10:57शुभ
रोग10:57 – 12:38टालें
उद्वेग12:38 – 14:20टालें
चर14:20 – 16:01सामान्य
लाभ16:01 – 17:42शुभ
अमृत17:42 – 19:23शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर19:23 – 20:42सामान्य
रोग20:42 – 22:01टालें
काल22:01 – 23:19टालें
लाभ23:19 – 00:38शुभ
उद्वेग00:38 – 01:57टालें
शुभ01:57 – 03:15शुभ
अमृत03:15 – 04:34शुभ
चर04:34 – 05:53सामान्य

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:5407:01दिन
शनि07:0108:09दिन
गुरु08:0909:16दिन
मंगल09:1610:24दिन
सूर्य10:2411:31दिन
शुक्र11:3112:38दिन
बुध12:3813:46दिन
चंद्र13:4614:53दिन
शनि14:5316:01दिन
गुरु16:0117:08दिन
मंगल17:0818:16दिन
सूर्य18:1619:23दिन
शुक्र19:2320:16रात
बुध20:1621:08रात
चंद्र21:0822:01रात
शनि22:0122:53रात
गुरु22:5323:46रात
मंगल23:4600:38रात
सूर्य00:3801:30रात
शुक्र01:3002:23रात
बुध02:2303:15रात
चंद्र03:1504:08रात
शनि04:0805:00रात
गुरु05:0005:53रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
2 नव॰ 2026कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
5 नव॰ 2026कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
7 नव॰ 2026प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
9 नव॰ 2026कार्तिक अमावस्याअमावस्या
13 नव॰ 2026विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
17 नव॰ 2026वृश्चिक संक्रांतिसूर्य का वृश्चिक में प्रवेश
21 नव॰ 2026शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
23 नव॰ 2026प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
24 नव॰ 2026कार्तिक पूर्णिमापूर्णिमा
28 नव॰ 2026संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
1 दिस॰ 2026कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी

तिथियां सिडनी में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2319° (लाहिड़ी)। समय सिडनी (Australia/Sydney) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।